कौन हैं पहलवान चंद्रहार पाटिल? उद्धव ठाकरे को तगड़ा झटका देकर शिंदे शिवसेना में हुए शामिल
Who is wrestler Chandrahar Patil: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूटीबी) को एक और तगड़ा झटका लगा है। पार्टी के दिग्गज और लोकप्रिय नेता केसरी पहलवान चंद्रहार पाटिल ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होकर राजनीति में हलचल मचा दी है।
इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत अन्य दिग्गज नेता मौजूद रहे। पाटिल का
शिंदे गुट ने जोरदार स्वागत करते हुए इसे उनकी पार्टी ने जनता के विश्वास की जीत बताया है। जानिए आखिर कौन हैं पहलवान चंद्रहार पाटिल और क्यों इसे शिंदे गुट की बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है?

कौन हैं पहलवान चंद्रहार पाटिल?
चंद्रहार पाटिल राजनीति ही नहीं महाराष्ट्र की कुश्की की दुनिया का बड़ा चेहरा हैं। 'केसरी पहलवान' के नाम से मशहूर चंद्रहार पाटिल महाराष्ट्र की शीर्ष कुश्ती प्रतियोगिता "महाराष्ट्र केसरी" दो बार जीत चुके हैं और लोकसभा चुनाव से पहले 11 मार्च 2024 को उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूटीबी) में शामिल हुए थे।
पहलवान के चक्कर में उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस को कर दिया था नाराज
2024 के लोकसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे ने महाविकास अघाड़ी गठबंधन में अपनी सहयोगी पार्टी कांग्रेस के खिलाफ जाकर सांगली लोकसभा सीट से पहलवान चंद्रहार पाटिल को चुनाव मैदान में उतारा था। सांगली चूंकि कांग्रेस का गढ़ रहा है इसलिए कांग्रेस उद्धव ठाकरे के फैसले से नाराज हो गई थी। हालांकि शिवसेना (यूबीटी) के टिकट पर पहली बार चुनाव लड़े पहलवान चंद्रहार पाटिल को कांग्रेस के बागी नेता विशाल पाटिल से हार का सामना करना पड़ा था।
शिवसेना में शामिल होने के पहलवान चंद्रहार ने दिए थे संकेत
लोकसभा चुनाव में हार के बाद पहलवान चंद्रहार ने सक्रिय राजनीति से कुछ समय के लिए दूरी बना ली थी। हालांकि पहलवान अप्रैल 2025 से ही एकनाथ शिंदे के कार्यक्रमों में शामिल होकर शिवसेना में शामिल होने के संकेत दे दिए थे।
उद्धव ठाकरे के लिए क्यों है तगड़ा झटका?
चद्रहार पाटिल का शिंदे की शिवसेना में शामिल होना उद्धव ठाकरे की पार्टी को तगड़ा झटका माना जा रहा है। इससे पहले भी शिवसेना यूटीबी के कई दिग्गज नेता और सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता शिंदे की पार्टी में शामिल हो चुके हैं जिससे पार्टी कमजोर हो रही है और शिंदे की पार्टी और मजबूत हो रही है। चंद दिन पहले उद्धव ठाकरे गुट की दिग्गज महिला नेता निर्मला गावित एकनाथ शिंदे की शिवसेना में सैंकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हुई थीं।
शिंदे गुट के लिए क्या फायदा?
केसरी पहलवान शहरी ही नहीं ग्रामीण इलाकों में खासे लोकप्रिय हैं। पहलवान होने के साथ एक सच्चे शिवसैनिक के तौर पर उनकी संगठन पर मजबूत पकड़ है। पहलवान चंद्रहार पाटिल का जनाधार विशेषकर पश्चिम महाराष्ट्र और ग्रामीण इलाकों में काफी मजबूत है। चंद्रहार पाटिल का शिंदे गुट में जाना केवल एक व्यक्ति का दल बदल नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की सत्ता समीकरणों में संभावित बड़े बदलाव का संकेत है। ये शिंदे गुट की रणनीतिक विजय के तौर पर भी देखी जा रही है।












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