कौन हैं यामिनी जाधव? जिन्होंने चुनाव से पहले शिवसेना की ओर से मुस्लिम महिलाओं को बांटा बुर्का, मचा घमासान
Maharashtra Assembly Elections 2024: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 से पहले एकनाथ शिंदे की शिवसेना चुनाव प्रचार में जुट चुकी है। महिला वोटरों को खुश करने के लिए माझी लड़की बहन योजना शुरू करने वाले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पार्टी ने अब ऐसी पहल की है, जिसके बाद जमकर घमासान शुरू हो गया है।
दरअसल, एकनाथ शिंदे की शिवसेना मुस्लिम महिलाओं को बुर्के बांट रही है। अभी तक चुनावों में साड़ी समेत कुकर, मिक्सी समेत अन्य गिफ्ट पार्टियां महिलाओं को बांटती आईं हैं लेकिन ये पहली बार है जब शिवसेना बुर्का बांट रही है।
विधानसभा चुनाव से पहले ये अनोखी पहल शिंदे गुट वाली शिवसेना की विधायक यामिनी जाधन ने की है। आइए जानते हैं कौन है यामिनी जाधव, जिनके बुर्का बांटने के कारण चुनावी माहौल गरमा गया है।

शिवसेना MLA यामिनी जाधव ने बांटे बुर्के
बता दें शिवसेना विधायक यामिनी जाधव ने भायखाना क्षेत्र में तमाम जगहों पर होर्डिंग लगवाकर बुर्का बांटने का ऐलान किया है। यामिनी जाधव ने अपने क्षेत्र में बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया और जिसमें सैंकड़ों की संख्या में मुस्लिम महिलाएं जुटी जिन्हें उन्होंने बुर्का बांटा।

शिवसेना के बुर्का बांटने पर बौखलाई उद्धव ठाकरे की शिवसेना
उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं उन्हें बुर्का बांटा जाना चाहिए क्योंकि उन्हें चुनावों में बुर्का पहन कर जनता का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बुर्का बांटने वाले विधायकों को "ढोंगी" बताया और कहा ये चुनाव जीतने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। साथ ही उन्होंने तंज कसा भाजपा के नेता जहां एक तरफ स्कूलों, कॉलेजों में बुर्का पहनने का विरोध कर रही है और वहीं उनकी साथी शिवसेना बुर्का बांट रही है।
कौन है यामिनी जाधव
यामिनी जाधन वर्तमान समय में भायखला सीट से विधायक हैं। भायखला क्षेत्र मुस्लिम बहुल्य क्षेत्र हैं जहां पर यामिनी ने मुस्लिम महिलाओं को वोट बांटना शुरू किया है। 2012 में यामिनी जाधव ने अविभाजित शिवसेना के टिकट पर मुंबई नगर निगम में पार्षद चुनी गईं।
2014 के चुनावों में भायखाना से एमआईएम के वारिस पठान विजयी हुए थे लेकिन 2019 में शिवसेना ने यामिनी जाधव को मैदान में उतारा तो भारी मतों से जीत हासिल की थी। 2019 में भयखाला से विजयी हुई यामिनी जाधव को शिंदे गुट की शिवसेना ने दक्षिण मुंबई लोकसभा सीट से टिकट देकर लोकसभा चुनाव में लड़वाया था लेकिन वो हार गई थीं।
यामिनी जाधव के पति
शिवसेना में एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद यामिनी जाधव और उनके पति यशवंत जाधव शिंदे गुट में शामिल हो गए थे। यशवंत जाधव बृह्नमुंबई महानगर पालिका की स्थायी समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं और कभी उद्धव ठाकरे के करीबी थे लेकिन उन्होंने शिवसेना के जब दो टुकड़े हुए तो यामिनी जाधव और उनके पति दोनों ने शिंदे का समर्थन करने का फैसला किया।
बुर्का क्यों बांट रही शिवसेना विधायक
बुर्का क्यों बांट रहीं? इस सवाल का जवाब देते हुए यामिनी जाधव ने कहा अच्छी चीज की कभी ना कभी शुरूआत होती है। मेरे पति यशवंत जाधव महिलाएं रक्षाबंधन पर राखी बांधती हैं। उनके दिल में ये ख्याल आया कि मैं अपनी हिंदू बहनों को दिवाली समेत अन्य त्योहारों पर तोहफा देता हूं तो जो हमारे क्षेत्र की मुस्लिम बहनें हैं उनको क्या तोहफा दिया जाए। तो मेरे लिहाज से मुस्लिम बहनों के लिए सबसे बड़ा तोहफा हिजाब या बुर्का ही है। इसके बाद हमने ये तय किया कि ये तोहफा भाई की तरफ से मुस्लिम बहनों को दिया जाना चाहिए।
संजय राउत के बयान पर यामिनी जाधव ने कहा ये कोई चुनावी जुमला नहीं हैं। महिलाओं को बुर्का पहनने की सहूलियत उन्हें ही देनी चाहिए, हम आप कौन होते हैं उन्हें बुर्का पहनने या ना पहनने की सलाह देने वाले।












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