Rakhi Jadhav कौन हैं? BMC चुनाव से पहले शरद पवार को झटका देकर भाजपा में हुईं शामिल, इनकी कमाई उड़ा देगी होश
Who is Rakhi Jadhav: महाराष्ट्र की सात महानगपालिकों में 15 जनवरी को मतदान होगा जिसमें मुंबई के बृहद महानगरपालिका के चुनाव भी शामिल है। इस बार के बीएमसी चुनाव में जीत हासिल करने के लिए सभी राजनीतिक दल पूरा जोर लगा रहे हैं। इस सबके बीच शरद पवार की एनसीपी (एसपी) की दिग्गज नेता रेखा जाधव भाजपा में शामिल हो गई हैं। मुंबई में बीएमसी चुनाव से पहले शरद पवार की पार्टी के लिए ये तगड़ा झटका माना जा जा रहा है।
क्योंकि राखी जाधव शरद पवार गुट की मुंबई जिला अध्यक्ष भी थीं और बीते कई सालों से मुंबई से एनसीपी का नेतृत्व कर रही थी। इतना ही नहीं मुंबई महानगर निगम में एनसीपी के टिकट बंटवारे मे रेखा जाधव की अहम भूमिका रही थी। आइए जानते हैं कौन हैं रेखा जाधव, कितनी संपत्ति की मालकिन हैं? इनके भाजपा में शामिल होने से भाजपा को क्या लाभ होगा?

कौन हैं राखी जाधव?
राखी जाधव अपना पूरा ना राखी जाधव हरिश्चंद्र लिखती हैं। 2007 में घाटकोपर से पार्षद का चुनाव जीता था, जिसके बाद राखी जाधव मुंबई बीएमसी में सदन की नेता चयनित हुईं। 2024 में घाटकोपर विधानसभा चुनाव एनसीपी (एसपी) के टिकट पर चुनाव लड़ा था लेकिन चुनाव हार गईं थीं।
कितनी संपत्ति की मालकिन हैं राखी जाधव?
10वीं कक्षा पास राखी जाधव ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के समय जो चुनावी हलफनामा दाखिल किया था उसके अनुसार इनके पास 9.7 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसमे 72 लाख रुपये की चल संपत्ति और 9 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। इसके लिए उन पर 23.7 लाख रुपये का कर्ज भी है।
राखी जाधव कहां से करती हैं कमाई?
राखी जाधव की कमाई की बात की जाए तो वह एक होटल व्यवसायी हैं और उनकी खुद की इनकम 23.3 लाख रुपये है।

राखी जाधव ने बीएमसी चुनाव से पहले क्यों छोड़ी एनसीपी?
राखी जाधव के भाजपा में शामिल होने के पीछे बीएमसी चुनाव 2026 में सीट बंटवारे को लेकर नाराजगी को बड़ा कारण माना जा रहा है। शरद पवार गुट का ठाकरे बंधुओं के साथ गठबंधन होने के बावजूद मुंबई में उन्हें केवल 5 से 10 सीटें ही मिलीं, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में असंतोष फैल गया।
मुंबई में एनसीपी (एसपी) की स्थिति पहले से ही कमजोर रही है और राखी जाधव लंबे समय से संगठन को संभालने में अहम भूमिका निभा रही थीं, लेकिन कम सीटों के कारण उन्हें लगातार सवालों और दबाव का सामना करना पड़ रहा था।
कई वरिष्ठ नेता पार्टी छोड़ अजित पवार की एनसीपी में हुए शामिल
एबीपी मराठी न्यूज के सूत्रों के मुताबिक, जब राखी जाधव ने इस मुद्दे पर वरिष्ठ नेताओं से चिंता जताई तो उन्हें इच्छुक उम्मीदवारों को अजित पवार गुट में भेजने और खुद वहीं से चुनाव लड़ने का सुझाव दिया गया। इसके बाद पार्टी कार्यालय से आए कॉल के बाद कई वरिष्ठ पदाधिकारी अजित पवार की एनसीपी में शामिल हो गए, जिनमें धनंजय पिसल, मनीष दुबे, यामिनीबेन पंचाल, नितिन देशमुख और अशोक पंचाल शामिल हैं। इन घटनाओं से आहत और असहज महसूस कर रहीं राखी जाधव ने अंततः भाजपा में शामिल होने का फैसला किया। माना जा रहा है कि भाजपा उन्हें घाटकोपर से टिकट दे सकती है।
राखी जाधव से भाजपा को क्या होगा लाभ?
राखी जाधव के भाजपा में आने से पार्टी को घाटकोपर और आसपास के इलाकों में संगठनात्मक मजबूती मिलेगी। उनके साथ आए कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेतृत्व से भाजपा को जमीनी नेटवर्क, मराठी के साथ-साथ हिंदी और गुजराती मतदाताओं तक पहुंच तथा बीएमसी चुनाव में मजबूत उम्मीदवार का फायदा मिल सकता है, जिससे मुंबई में भाजपा की स्थिति और सुदृढ़ होने की संभावना है।












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