कौन हैं ये BJP विधायक? जिनके बैंक में अब खुलेंगे महाराष्ट्र के सरकारी कर्मचारियों के सैलरी अकाउंट
Who is Pravin Darekar BJP MLA: महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने नए साल पर पहली बैठक की। जिसमें फडणवीस कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के अनुसार महाराष्ट्र के सरकारी कर्मचारियों की सैलरी अकाउंट मुंबई के डिस्ट्रिक सेंट्रल को-ऑपरेविट बैंक (MDCC) में खोले जाएंगे। इसके साथ ही डिस्ट्रिक सेंट्रल को-ऑपरेविट बैंक में सरकारी निगमों का सरप्लस फंड का निवेश भी किया जा सकेगा।
फडणवीस कैबिनेट के इस फैसले पर जमकर चर्चा शुरू हो चुकी है। इसकी वजह है कि ये डिस्ट्रिक सेंट्रल को-ऑपरेविट बैंक एक भाजपा के दिग्गज विधायक का है। आइए जानते हैं कौन हैं ये भाजपा विधायक जिनके हाथों में अब होगी महाराष्ट्र के लाखों सरकारी कर्मचारियों के सैलरी अकाउंट?

पहले बता दें वर्ष 2020 में महाराष्ट्र सरकार के आदेश दिया था कि सभी सरकारी विभागों के कर्मचारियों के सैलरी अकाउंट राष्ट्रीयकृत बैंकों में खुलवाएं लेकिन अगस्त महीने में ये फैसला लिया कि सरकारी कर्मचारियों के अकाउंट सहकारी बैंकों में भी खोले जा सकते है।
अक्टूबर 2023 में महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के 14 जिला सहकारी बैंकों को इसके लिए परमीशन दी थी। इसी के तहत अब भाजपा विधायक के सहकारी बैंक MDCC में कर्मचारियों के अकाउंट खोलने का फडणवीस सरकार ने फैसला सुनाया है।
MDCC बैंक पहले क्यों नहीं था सैलरी अकाउंट
बता दें सहकारी बैंकों के लिए ये अनिवार्य किया गया है कि बैंक के सलाना ऑडिट में पांच साल तक A-क्लास कैटेगरी का होना चाहिए। क्रेडिट रिजर्व रेशो 9 प्रतिशत होना अनिवार्य किया गया था लेकिन 2023 में MDCC सरकार की इन योग्यता संबंधी को पूरा नहीं कर सका था लेकिन भाजपा विधायक का MDCC बैंक अब ये सारी योग्यताएं पूरा कर चुका है।
जानिए कौन हैं ये BJP विधायक?
मुंबई का डिस्ट्रिक सेंट्रल को-ऑपरेविट बैंक भाजपा के विधायक प्रवीण दारेकर का है और ये ही इस बैंक के चेयरमैन हैं। मराठी नेता प्रवीण दारेकर देवेंद्र फडणवीस के काफी करीबी माने जाते हैं और मगाथेन विधानसभा सीट से विधायक हैं। हाल ही में चुनावों में मनोज जरांगे पाटिल के मराठी आरक्षण आंदोलन के खिलाफ भाजपा की ओर से मोर्चा लिया था।
राज ठाकरे की पार्टी से पहली बार बने थे विधायक
प्रवीण दारेकर शिवसेना से छात्र राजनीति शुरू करने वाले दारेकर राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) में 2005 में शामिल हो गए थे और सबसे पहले विधायक बने थे।
2015 में भाजपा में हुए थे शामिल
2015 में राज ठाकरे की एमएनएस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए थे। 2016 में भाजपा ने एमएलसी बनाया और 2019 में दावेक दारेकर को भाजपा न विधान परिषद में विपक्ष का नेता बनयाा था तब भाजपा के कुछ नेताओं ने "बाहरी व्यक्ति" को पुरस्कृत करने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया था।क्या पलटी मारने वाले हैं उद्धव ठाकरे?
धोखाधड़ी, वित्तीय अनियमितता का लग चुका है आरोप
2015 में दावेरकर पर धोखाधड़ी, वित्तीय अनियमितता और अपराधिक केस दर्ज हो चुका है। मुंबई जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (एमडीसीसीबी) के 2015 से 2022 के बीच अध्यक्ष रहे तभी भी उनका कार्यकाल विवादों में रहा। 2019 में भाजपा ने दावेरकर के टिकट के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया था। इसके बाद शिंदे सरकार में मंत्रीमंडल में भी शामिल नहीं किया था। वहीं फडणवीस कैबिनेट ने दरेकर के बैंक में सरकारी कर्मचारियों के सैलरी अकाउंट खुलाने का बड़ा फैसला सुना दिया है।












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