देवेंद्र फडणवीस को इस बात के लिए मिला उद्धव ठाकरे का साथ, बोले- आप नेतृत्व कीजिए
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी के नेता देवेंद्र फडणवीस की पहल का स्वागत किया है। दरअसल देवेंद्र फडणवीस ने राजनीति में कड़वाहट को खत्म करने की बात कही थी, जिसका ठाकरे ने स्वागत किया है। सामना में छपे एक लेख में कहा गया है कि देवेंद्र फडणवीस को राजनीति में कड़वाहट को खत्म करने के लिए आगे आना चाहिए और उन्हें इसका नेतृत्व करना चाहिए। गौर करने वाली बात है कि दिवाली के मौके पर दिवाली मिलन कार्यक्रम में पत्रकारों से बात करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राजनीति में बहुच ज्यादा कड़वाहट है, इसे खत्म करने की जरूरत है।

फडणवीस की इस अपील पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता है। अगर आपके दिमाग में राजनीति में बढ़ती कड़वाहट की बात आई है तो आपको तुरंत इसे खत्म करने के लिए आगे आना चाहिए। गौर करने वाली बात है कि शिवसेना के नेता एकनाथ शिंदे ने जिस तरह से उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत की और अपने विधायकों को लेकर पार्टी से अलग हुए उसकी वजह से प्रदेश की महाविकास अघाड़ी की सरकार गिर गई। जिसके बाद एकनाथ शिंद ने भाजपा के साथ मिलकर सरकार का गठन किया और प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।
महाराष्ट्र विधानपरिषद के नतीजे सामने आने के बाद प्रदेश में सियासी संग्राम काफी बढ़ गया था। भजपा ने इस चुनाव में 5 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि शिवसेना और एनसीपी ने 2-2 सीटों पर जीत दर्ज की थी। तकरीबन 20 विधायक ने क्रॉस वोटिंग की थी। दरअसल 2019 में साथ चुनाव लड़ने के बाद जिस तरह से शिवसेना गठबंधन से अलग हुई उसको लेकर भाजपा नाराज थी। उद्धव ठाकरे का कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार का गठन करना भाजपा को नागवार गुजरा था।
जुलाई माह में एकनाथ शिंदे की प्रदेश में नई सरकार बनी। किसी को भी यकीन नहीं था का एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बनेंगे और देवेंद्र फडणवीस उपमुख्यमंत्री। लेकिन हर किसी को चौंकाते हुए भाजपा ने सीएम की कुर्सी शिंदे को सौंपी। एकनाथ शिंद ने अपने इस फैसले का एक बार फिर से बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह धोखा नहीं था, बल्कि विद्रोह था। गौर करने वाली बात है कि एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के बीच अब असल शिवसेना पर हक की लड़ाई चल रही है। चुनाव आयोग ने शिवसेना के चुनाव चिन्ह और नाम को फ्रीज कर दिया है और दोनों ही गुटों को अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किए हैं।
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