NCP प्रमुख शरद पवार के इस्तीफे के बाद बोले उद्धव ठाकरे, कहा- 'पद छोड़ने से MVA पर नहीं पड़ेगा फर्क'
एनसीपी प्रमुख शरद पवार के इस्तीफे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनके इस्तीफे से महा विकास गठबंधन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

एनसीपी प्रमुख शरद पवार के इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र की सियासत में हलचल मच गई है। पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को विपक्ष शब्द से परे जाना चाहिए और तानाशाही के खिलाफ एक ताकत बनना चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि एनसीपी प्रमुख के इस्तीफा देने से महा विकास अघाड़ी गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मै पीएम मोदी का विरोधी नहीं हूं। लेकिन तानाशाही का विरोध करता हूं।
आगे बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि तानाशाही के खिलाफ विपक्ष को साथ आने से कोई नहीं रोक सकता। उद्धव ने कहा, "विपक्ष को विपक्ष शब्द से परे जाना चाहिए और तानाशाही के खिलाफ एक ताकत बनना चाहिए। उम्मीद है कि एनसीपी उस गठबंधन के साथ रहेगी जिसने 2019 में सरकार बनाई और 2022 तक सत्ता में रही।
शरद पवार ने अपनी आत्मकथा में कहा कि उद्धव कमजोर थे और अपनी पार्टी के अंदर की गड़गड़ाहट को शांत नहीं कर सके और बिना लड़े ही इस्तीफा दे दिया। इस पर जवाब देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि "दुनिया ने देखा कि मैंने मुख्यमंत्री के रूप में क्या किया।"
वहीं, कर्नाटक में एक रैली में पीएम मोदी ने मतदाताओं को वोट करने के लिए बजरंग बली की जय का आह्वान करने के बाद वो चर्चाओं में आ गए। वहीं, कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में बजरंग दल को बैन करने की बात पर उद्धव ठाकरे आलोचना करते हुए कहा कि 'मैं कर्नाटक में मराठी भाषी लोगों से 'जय भवानी,' जय शिवाजी' कहने का आग्रह करूंगा।












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