मुंबई में औरंगजेब को 'गले लगाते' उद्धव के पोस्टर, मंत्री केसरकर बोले- 'ठाकरे' का नया प्रेम देखा...'
Maharashtra CM Uddhav Thackeray poster with Aurangzeb: शिवसेना यूबीटी के प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और वंचित बहुजन अघाड़ी प्रमुख प्रकाश अंबेडकर को मुगल बादशाह औरंगजेब को गले लगाते हुए दिखाने वाले होर्डिंग्स मुंबई में लगाए गए हैं।
औरंगजेब के साथ उद्धव ठाकरे का ये पोस्टर बुधवार और गुरुवार की मध्यरात्रि को मुंबई के माहिम इलाके में लगे हैं। हालांकि ये पोस्टर किसने लगवाए हैं, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

होर्डिंग पर मराठी में एक संदेश लिखा है। जिसका अनुवाद है, ''प्रकाश अंबेडकर औरंगजेब की धुन पर नाच रहे हैं और उद्धव ठाकरे इसका समर्थन कर रहे हैं।" इस पूरे मामले पर मुंबई पुलिस ने कहा है कि ये पोस्टर रात में लगाए गए थे। और इन्हें किसने लगाया इसके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है।
मुंबई पुलिस ने कहा, ''इस पोस्टर को हटा दिया गया है। अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर कानून व्यवस्था बिगड़ती है तो पुलिस अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करेगी।''
पूरे मामले पर महाराष्ट्र के मंत्री दीपक केसरकर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''औरंगजेब के प्रति उद्धव ठाकरे का नया प्रेम हमें देखने को मिल रहा है। जो लोग हिंदुत्व के साथ समझौता कर रहे हैं, उन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज माफ नहीं करेंगे।''
दीपक केसरकर ने कहा, ''उद्धव ठाकरे फिर से बीजेपी के साथ गठबंधन करना चाहते थे लेकिन उनकी शर्त थी कि वह अगले 5 साल तक सीएम बनना चाहते हैं...।''
उद्धव-अंबेडकर के साथ क्यों लगाई गई औरंगजेब की तस्वीर...?
मुंबई में ये पोस्टर ऐसे वक्त लगाए गए हैं, जब बाबासाहेब अंबेडकर के पोते प्रकाश अंबेडकर ने संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) में औरंगजेब की कब्र पर जाकर मुगल बादशाह को पुष्पांजलि अर्पित करके विवाद खड़ा कर दिया।
प्रकाश अंबेडकर की यात्रा अहमदनगर और विशेष रूप से कोल्हापुर में सांप्रदायिक तनाव के कुछ दिनों बाद हुई। ये हिंसा कुछ मुस्लिम कॉलेज छात्रों द्वारा औरंगजेब पर वाट्सऐप स्टेटस और ऑडियो संदेश पोस्ट करने के बाद हुई थी। जिससे हिंदू संगठन भड़क गए थे।
प्रकाश अंबेडकर ने कहा, ''औरंगजेब की कब्र पर जाने में क्या गलत था? वह एक मुगल सम्राट था जिसने लगभग 50 सालों तक यहां शासन किया। क्या हम इतिहास मिटा सकते हैं? हमें औरंगजेब को गाली देने की बजाय इस बात पर विचार करना चाहिए कि उसने यहां शासन क्यों किया।' क्या थे कारण... हमें अपने अतीत के प्रति सचेत रहना चाहिए। नफरत फैलाने के बजाय, आइए हम खुद को ऐतिहासिक तथ्यों से जोड़ लें।''












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