शरद पवार को बड़ा झटका दे सकते हैं अजित, जयंत पाटिल के बागी गुट में शामिल होने की अटकलें
महाराष्ट्र में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं, उससे पहले एनसीपी नेता अजित पवार खुद को मजबूत करने में लगे हुए हैं। अब दावा किया जा रहा कि एनसीपी विधायक दल के नेता और राज्य इकाई के प्रमुख जयंत पाटिल भी अजित के खेमे में शामिल हो सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक पाटिल काफी एक्टिव हैं। हाल ही में उन्होंने अजित पवार और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस के साथ संभावित कदम के बारे में बैठकें कीं। हालांकि जब मीडिया ने उनसे इस बारे में पूछा तो उन्होंने साफतौर पर इनकार कर दिया।

सूत्रों ने ये भी बताया कि पाटिल ने अजित और फडणवीस के साथ कई मुद्दों पर बात की। उसमें सबसे अहम मंत्री पद था। उनको कैबिनेट विस्तार के वक्त वर्तमान सरकार में मंत्री पद की पेशकश की गई थी।
वहीं इन रिपोर्ट्स को खारिज करते हुए पाटिल ने कहा कि शरद पवार का साथ छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं है। हम एक-दूसरे को वर्षों से जानते हैं, ऐसे में अजित के साथ उनकी दोस्ती है। ये दोस्ती आगे भी जारी रहेगी, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि वो उनके खेमे में जा रहे।
क्यों पाटिल का साथ है जरूरी?
अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार के साथ बगावत तो कर दी, साथ ही पार्टी के चुनाव चिन्ह पर अपना दावा भी ठोक दिया, लेकिन विधायक दल पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करने के लिए विधायक दल के नेता का पद महत्वपूर्ण हो गया है। ऐसे में अजित जयंत पाटिल का साथ चाहते हैं।
अमित शाह से भी हुई चर्चा
वहीं दूसरी ओर शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अमित शाह पुणे के दौरे पर रहे। वहां पर उन्होंने एक होटल में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार से मुलाकात की। माना जा रहा कि इस मुलाकात में भी पाटिल को लेकर चर्चा हुई। हालांकि किसी कारण से फडणवीस इसमें नहीं पहुंच पाए थे।












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