Maharashtra politics: 'आपने फ्लोर टेस्ट का सामना ही नहीं किया...', सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली उद्धव को राहत
Supreme Court On Uddhav Thackeray:सुप्रीम कोर्ट ने उद्धव ठाकरे की सरकार को बहाल करने के अनुरोध को भी खारिज कर दिया क्योंकि नेता ने विधानसभा में शक्ति परीक्षण का सामना करने के बजाय इस्तीफा देना चुना।

सुप्रीम कोर्ट में आज शिंदे गुट बनाम उद्धव ठाकरे गुट मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने इस मामले को 7 जजों की बड़ी बेंच के पास भेज दिया। वहीं सुनवाई के दौरान अदालत ने उद्धव ठाकरे को राहत देने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट करते हुए कहा कि वह उद्धव ठाकरे सरकार की बहाली का आदेश नहीं दे सकता क्योंकि उन्होंने फ्लोर टेस्ट का सामना किए बिना मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या सब कहा?
अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि फ्लोर टेस्ट के लिए राज्यपाल की तरफ से उद्धव ठाकरे को फ्लोर टेस्ट के लिए कहना सही नहीं था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने खुद इस्तीफा दिया। उनकी दोबारा बहाली नहीं हो सकती है। एकनाथ शिंदे को सरकार का निमंत्रण देकर राज्यपाल ने कोई गलती नहीं की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा MLA की लंबित अयोग्यता मामले का स्पीकर जल्द निपटारा करें।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल के फैसले पर उठाया सवाल
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि राज्यपाल को पार्टी विवाद में नहीं पड़ना चाहिए था। सुप्रीम कोर्ट उद्धव ठाकरे के इस्तीफे को रद्द नहीं कर सकता है क्योंकि उन्होंने खुद ही इस्तीफा दे दिया था। बहुमत परीक्षण नियमों के आधार पर होना चाहिए था। अंदरुी विवाद के लिए फ्लोर टेस्ट सही नहीं था।
स्पीकर पर भी सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि स्पीकर को राजनीतिक दल द्वारा नियुक्त व्हिप को ही मान्यता देनी चाहिए। शिंदे समूह का व्हिप नियुक्त करना स्पीकर का गलत फैसला था। उन्हें कानून के दायरे में काम करना चाहिए था।












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