मुस्लिम देशों के विरोध पर हटा दिया लेकिन शिवाजी के अपमान पर समर्थन, संजय राउत का BJP पर निशाना
हाल ही में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने छत्रपति शिवाजी महाराज पर एक विवादित टिप्पणी की थी। जिसको लेकर विपक्षी दलों ने उनको हटाने की मांग की। अब इस मुद्दे पर शिवसेना सांसद संजय राउत की प्रतिक्रिया सामने आई है। राउत ने शिवसेना के मुख्यपत्र 'सामना' में अपने साप्ताहिक कॉलम में लिखा कि जब मुस्लिम देशों ने पैगंबर पर नूपुर शर्मा की टिप्पणी का विरोध किया, तो उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया, लेकिन अब बीजेपी ना केवल चुप है बल्कि शिवाजी का अपमान करने वालों का समर्थन भी कर रही। उनके इस कॉलम का शीर्षक 'महाराष्ट्र को नपुंसक बनाने की साजिश है'।

बीजेपी पर हमला साधते हुए राउत ने लिखा कि शिवाजी के आदर्शों पर चलने वाले सभी संगठनों को एक साथ आना चाहिए और इस मुद्दे पर 'महाराष्ट्र बंद' का आह्वान करना चाहिए। शिवाजी ने औरंगजेब के सिर पर पैर रखकर अपना शासन स्थापित किया। वे औरंगजेब को जो धमकियां देते थे, वो ब्रिटिश रिकॉर्ड में हैं। आज की सरकार पाकिस्तान को 'धमकी' देकर उसी सिद्धांत को अपनाती है।
महाराष्ट्र सदन पर कही ये बात
वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को कहा कि उन्होंने नवी मुंबई में असम भवन के निर्माण को मंजूरी दे दी है। जिस पर भी राउत ने पलटवार किया। उन्होंने एक अन्य बयान में कहा कि असम के सीएम हिमन्त बिश्व शर्मा पूर्व कांग्रेसी और एकनाथ शिंदे पूर्व शिवसैनिक हैं। दोनों दलबदलुओं का अच्छा चल रहा। कामाख्या देवी को न्याय की देवी के रूप में जाना जाता है, मुझे यकीन हैं वो एक दिन न्याय जरूर करेंगी।
क्या था कोश्यरी का बयान?
एक कार्यक्रम में राज्यपाल कोश्यरी ने कहा था कि शिवाजी जी पुराने युग की बात हैं। मैं नए युग की बात बोल रहा हूं। आपको अब डॉक्टर अंबेडकर और गडकरी जैसे रोल मॉडल की तरह मिल जाएंगे। इसके बाद से ही विपक्षी दल उनको हटाने की मांग कर रहे हैं।












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