Shiv Sena Morphed Video वायरल: एकनाथ शिंदे की सरकार सख्त, IPS की अध्यक्षता में SIT जांच, चार गिरफ्तार
महाराष्ट्र की शिवसेना दो फाड़ हो चुकी है। इसी बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना की वीडियो से छेड़छाड़ और इसे सोशल मीडिया पर वायरल कराने के मामले में SIT जांच का फैसला लिया है। जानिए पूरा मामला

Shiv Sena Morphed Video वायरल होने के मामले में आक्रामक है। एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली सरकार ने सख्त रूख दिखाया है। IPS की अध्यक्षता में SIT जांच का फैसला हुआ है। महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार में मंत्री शंभूराज देसाई ने सोमवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार शिवसेना विधायक प्रकाश सुर्वे और पार्टी की उप नेता शीतल म्हात्रे के कथित रूप से छेड़छाड़ किए गए वीडियो की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) नियुक्त करेगी।
VIDEO से छेड़छाड़, चार गिरफ्तार
बता दें कि शिवसेना विधायक प्रकाश सुर्वे और शीतल म्हात्रे की वीडियो रोड शो के दौरान की है। सोशल मीडिया पर गलत इस्तेमाल का आरोप है। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। शिवसेना की महिला प्रवक्ता की वीडियो से छेड़छाड़ किए जाने के मामले की जांच के लिए आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में छह टीमों ने साइबर पुलिस की मदद से मामले की जांच शुरू की है।

वायरल वीडियो मुद्दे पर शिवसेना आक्रामक
महाराष्ट्र विधान सभा में वायरल वीडियो मामले पर मंत्री शंभूराज देसाई ने कहा कि एसआईटी का नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। SIT शिवसेना विधायक प्रकाश सुर्वे और पार्टी की महिला नेता के मॉर्फ्ड वायरल वीडियो की जांच करेगी। मंत्री के बयान से पहले शिवसेना की यामिनी जाधव और मनीषा चौधरी ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया।
CM शिंदे और सांसद भी मौजूद
दोनों ने उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, जिन्होंने शिवसेना के एक सार्वजनिक कार्यक्रम के वीडियो को "मॉर्फ्ड" यानी विजुअल से छेड़छाड़ की। इसमें मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, स्थानीय सांसद गोपाल शेट्टी और खुद विधायक मनीषा चौधरी भी शामिल थीं। मामला शनिवार शाम का है जब मुंबई के दहिसर आरे में एक रैली का आयोजन किया गया था।
उद्धव खेमे का सोशल मीडिया प्रभारी पकड़ा गया
मामले को गंभीर बताते हुए मंत्री शंभूराज देसाई ने कहा कि पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। एक की पहचान विनायक दावरे (26) के रूप में हुई है। उन्होंने दावा किया कि विनायक उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) गुट का सोशल मीडिया समन्वयक है। मंत्री ने बताया, पुलिस की जांच में पता लगा है कि विनायक दावरे ने फेसबुक पर "मॉर्फ्ड" वीडियो पोस्ट की। अन्य तीन लोगों ने वीडियो वायरल करने में मदद की।
आदित्य का करीबी भी पुलिस के कब्जे में
रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई पुलिस ने सोमवार को शिवसेना (यूबीटी) के नेता साईनाथ दुर्गे को भी छेड़छाड़ किए गए वीडियो मामले में हिरासत में लिया है। एक अधिकारी ने बताया कि दुर्गे आदित्य ठाकरे के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। अधिकारी ने कहा कि चारों गिरफ्तार आरोपियों को 15 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
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कांग्रेस कार्यकर्ता भी गिरफ्तार
मुंबई पुलिस ने बताया कि एक कांग्रेस कार्यकर्ता राजेश गुप्ता को भी अरेस्ट किया गया है। गिरफ्तारी से पहले राजेश की पिटाई की गई। कथित रूप से एक आपत्तिजनक वीडियो बनाने के आरोप में शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने राजेश के चेहरे पर स्याही पोत दी। शिवसेना की महिला नेता का आपत्तिजनक वीडियो बनाने के मामले में समता नगर पुलिस ने राजेश गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
महिला की इज्जत उछालने का दंड मिलेगा
पुलिस अधिकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर धारा 354 (एक महिला की लज्जा भंग करना), 509 (एक महिला की मर्यादा भंग करने का इरादा या कार्य), और 500 (मानहानि) और भारतीय दंड संहिता (IPC) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि शिवसेना की महिला नेता शीतल म्हात्रे और प्रकाश सुर्वे का एक मॉर्फ्ड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। इसमें शीतल विधायक प्रकाश के गाल पर चुम्बन करती दिख रही हैं। आरोप है कि वीडियो को एडिट कर उसमें अश्लील गाने डाले गए और इसे इंटरनेट पर वायरल कर दिया गया। वीडियो में दोनों नेताओं को मुख्यमंत्री सहित पार्टी के अन्य नेताओं के साथ एक रोड शो के दौरान हाथ हिलाकर भीड़ का अभिवादन करते देखा जा सकता है।
राजनीति में नहीं आएंगी महिलाएं
पीड़ित महिला नेता शीतल का कहना है कि वह लंबे समय से नफरत का शिकार रही है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार शीतल ने कहा, "मुझ पर हमले तब शुरू हुए जब मैंने और मेरे दोस्तों ने सीएम एकनाथ शिंदे के साथ काम करना शुरू किया। हमें सोशल मीडिया पर अपमानजनक संदेशों और अपमानजनक कमेंट्स का शिकार होना पड़ा।" उन्होंने कहा, हमेशा नफरत को नज़रअंदाज़ करने का विकल्प चुना, लेकिन जब छेड़छाड़ किए गए वीडियो को वायरल किया गया तो पानी सिर से ऊपर चला गया। महिलाओं को चरित्रहीन बताने की कोशिश हो रही है। आज महिलाएं पत्रकार हैं, ऑफिस जाती हैं, अगर इस तरह महिलाओं का कैरेक्टर उछाला जाएगा तो कोई भी महिला राजनीति में नहीं आएगी। शीतल का आरोप है कि गिरफ्तार आरोपी "ठाकरे गुट के पदाधिकारी" हैं।












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