'मुझे संदेह है कि हमारे साथ भी.....': EC के फैसले में केंद्र के शक्तिशाली लोगों की दखल, पवार का गंभीर आरोप
एनसीपी के संस्थापक शरद पवार ने केंद्र सरकार को लेकर बहुत ही गंभीर आरोप लगाए हैं और साथ ही साथ चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी बहुत बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। दरअसल, चुनाव आयोग ने बुधवार को ही एनसीपी के दोनों गुटों को तीन हफ्ते की मोहलत देते हुए 8 सितंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री पवार ने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि शिवसेना के दोनों गुटों के बीच जो पार्टी का नाम और चुनाव निशान को लेकर विवाद हुआ था, उसपर चुनाव आयोग का फैसला केंद्र सरकार के लोगों के दबाव में लिया गया था।

केंद्र के कुछ शक्तिशाली लोगों ने उद्धव की पार्टी के मामले में हस्तक्षेप किया था-शरद पवार
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक एनसीपी के नेता ने बुधवार को कहा है, 'चुनाव आयोग ने हमारी पार्टी के चुनाव निशान को लेकर मुझे नोटिस दिया है। मैं भारतीय चुनाव आयोग की वजह से चिंतित नहीं हूं, लेकिन यह स्पष्ट है कि केंद्र सरकार के कुछ शक्तिशाली लोगों ने उद्धव ठाकरे की पार्टी पर भारतीय चुनाव आयोग के फैसले में दखल दिया था।'
हमारे साथ भी वैसा ही हो सकता है- पवार
बीजेपी विरोधी इंडिया गठबंधन के नेता पवार ने आगे कहा है, 'हम भारतीय चुनाव आयोग के उस फैसले का परिणाम आज देख रहे हैं। मुझे संदेह है कि हमारे साथ भी वैसा ही कुछ किया जा सकता है।' खबरें हैं कि शरद पवार को अपनी पार्टी पर दावे को लेकर आयोग में सबूत जमा करने हैं। जबकि, अजित पवार गुट का दावा है कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें पार्टी का अध्यक्ष बनाया है और उसी हिसाब से फैसले लिए गए हैं। इससे संबंधित दस्तावेज भी उनकी ओर से जमा करने की बात सामने आ चुकी है।
चुनाव आयोग से लग चुका है उद्धव ठाकरे गुट को झटका
गौरतलब है कि शिवसेना के दोनों गुटों, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे के बीच पार्टी के नाम और चुनाव निशान के मामले में चुनाव आयोग ने राज्य की सत्ताधारी पार्टी के हक में फैसला सुनाया था।
शिवसेना नाम और तीर-धनुष निशान शिंदे गुट के पास
चुनाव आयोग के उसी फैसले के आधार पर शिवसेना नाम और तीर और धनुष का चुनाव चिन्ह पर मुख्यमंत्री गुट को कब्जा मिला था। इसी के बाद उद्धव ठाकरे की पार्टी का नाम शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे ) हो गया है।
Election Commission gave me a notice over election symbol of my party. I am not worried because of ECI, but it is clear that some powerful people from Central government interfered in ECI's decision on Uddhav Thackeray's party. We are seeing the result of that decision by ECI… pic.twitter.com/Zg9UJfBZ3p
— ANI (@ANI) August 16, 2023












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