बदलापुर घटना के विरोध में धरने पर बैठे शरद पवार, शिंदे सरकार को बताया असंवेदनशील
एनसीपी-एससीपी चीफ शरद पवार महा विकास अघाड़ी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ पुणे में धरना प्रदर्शन पर बैठ गए हैं। यह प्रदर्शन बदलापुर घटना के विरोध में हो रहा है, जहां एक नाबालिग लड़की के साथ स्थानीय स्कूल में यौन शोषण हुआ था।
इस दौरान शरद पवार ने कहा कि ऐसा कोई भी दिन नहीं जाता है जब महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ शोषण की खबर ना आए। सरकार को इन घटनाओं को गंभीरता से लेना चाहिए। सरकार कह रही है कि विपक्ष राजनीति कर रहा है। इस मामले को राजनीतिक कहना दर्शाता है कि सरकार कितनी असंवेदनशील है।

बता दें कि बारिश के बावजूद भी यह विरोध प्रदर्शन पूरे जोश के साथ जारी है। राष्ट्रवादी सांसद सुप्रिया सुले और शरद पवार ने मौसम की परवाह किए बिना भीड़ को संबोधित किया। शरद पवार ने इस मुद्दे के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए भारी बारिश के बीच भी बैठे रहे।
अपने भाषण के दौरान शरद पवार ने श्रोताओं को शपथ दिलाई। यह शपथ महिलाओं के साथ कभी दुर्व्यवहार न करने या उन्हें कोई नुकसान न पहुँचाने का एक गंभीर वादा था। इस कार्यक्रम में महाविकास अघाड़ी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की भीड़ नजर आई।
संजय राउत ने कहा कि महाविकास अघाड़ी की ओर से बंद का ऐलान किया गया है। यह किसी राजनीतिक वजह से नहीं है। छोटी बच्चियां, महिलाएं प्रदेश में सुरक्षित नहीं हैं। यह कोर्ट को भी मालूम नहीं है। इसलिए हमने तय किया कि पीएम जो यूक्रेन-पोलेंड में हैं,उनतक भी हमारी आवाज पहुंचे।
लोकतंत्र में इस प्रकार के आंदोलन की मान्यता है, कोई हमारी आवाज को दबा नहीं सकता है। कोई भी मोर्चा, आंदोलन करने से रोक नहीं सकता है। सरकार का लाड़ला कोर्ट में जाता है और कोर्ट आदेश देता है कि बंद मत करो।
कोर्ट का सम्मान करते हुए हमने बंद नहीं करने का फैसला लिया है, लेकिन हम प्रदर्शन करेंगे। हम बाहर सड़क पर आएंगे। खुद उद्धव ठाकरे शिवसेना भवन के सामने प्रदर्शन करेंगे।
प्रदेश में गैर संवैधानिक सरकार चल रही है लेकिन कोर्ट हमें कहती है कि आप असंवैधानिक बंद का ऐलान कर रहे हैं। इस सरकार को लेकर कोई निर्णय नहीं है, तारीख पर तारीख दी जा रही है। लेकिन 24 घंटे के भीतर हमारा बंद रोक दिया। लेकिन हमारी लड़ाई जारी रहेगी।












Click it and Unblock the Notifications