Sharad Pawar Sameer Wankhede पर बरसे, कहा- नवाब मलिक को मीडिया में सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ी
Sharad Pawar Sameer Wankhede के करियर को लेकर बोले, NCP चीफ के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री नवाब मलिक को परेशान किया गया।

Sharad Pawar Sameer Wankhede पर बरसे। उन्होंने कहा, NCB मुंबई के पूर्व प्रमुख समीर वानखेड़े के निर्देश पर नवाब मलिक को परेशान किया गया, मीडिया में सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ी।
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बकौल NCP प्रमुख शरद पवार, नवाब मलिक जो कह रहे थे वह सही साबित हुआ, देखते हैं आगे क्या होता है। बता दें कि नवाब मलिक को इस मामले के सामने आने के बाद महाराष्ट्र सरकार से मंत्री पद गंवाना पड़ा था।
Nawab Malik was harassed, he was made to pay the price for telling the truth in the media. What Nawab Malik was saying proved to be right, let's see what happens next: NCP chief Sharad Pawar on Former NCB Mumbai head Sameer Wankhede
— ANI (@ANI) May 22, 2023
मलिक पर क्या आरोप हैं
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फरवरी 2022 में मलिक को यह आरोप लगाते हुए गिरफ्तार किया था कि उन्होंने 1999-2006 के बीच दाऊद इब्राहिम की दिवंगत बहन हसीना पारकर की मदद से कुर्ला में एक संपत्ति हड़प ली।
ईडी ने आरोप लगाया कि चूंकि पारकर ने दाऊद के अवैध कारोबार को संभाला था, इसलिए पैसे का इस्तेमाल अंततः आतंकी फंडिंग के लिए किया गया था। मलिक करीब 15 महीनों से अधिक समय से जेल में हैं।
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक 23 फरवरी, 2022 से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने विगत 16 मई को मलिक की याचिका पर सुनवाई जुलाई तक स्थगित कर दी।
जस्टिस संजीव खन्ना और एमएम सुंदरेश की पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई से पहले याचिकाकर्ता इस मामले को हाईकोर्ट में उठाने के लिए स्वतंत्र होगा।
समीर वानखेड़े पर मलिक के गंभीर आरोप
मलिक ने बंबई उच्च न्यायालय द्वारा उनकी जमानत अर्जी छह जून तक के लिए स्थगित करने से खफा होकर उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। बता दें कि मलिक ने वानखेड़े पर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
मलिक की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पैरवी की। उन्होंने आग्रह किया कि मामले की सुनवाई अगले सप्ताह हाईकोर्ट में की जाए। हालांकि, शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय में सुनवाई के लिए कोई तारीख देने से इनकार कर दिया।
सिब्बल ने पहले पीठ को बताया था कि मलिक गुर्दे की विफलता से पीड़ित हैं। ट्रायल कोर्ट ने 30 नवंबर, 2022 को मलिक को जमानत देने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद मलिक ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।












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