"मातोश्री" वर्षो बाद पहुंचे राज ठाकरे, जानिए उद्धव ठाकरे के इस ऐतिहासिक घर की कीमत, इससे जुड़े रोचक पहलू
Thackeray,s family Matoshree: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे 27 जुलाई 2025 को अपना 65 वां जन्मदिन मना रहे हैं। शिवसेना (यूटीबी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के जन्मदिन पर कुछ ऐसा हुआ है, जिसके बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। दरअसल, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे वर्षो बाद रविवार को अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे से मिलने 'मातोश्री' पहुंचे।
राज अपने दादर स्थित निवास "शिवतीर्थ" से बांद्रा में उद्धव के आवास "मातोश्री" तक स्वयं गाड़ी चलाकर जब पहुंचे तो उनके चचेरे भाई उद्धव ठाकरे ने मातोश्री बंगले के प्रवेश द्वार पर उनका भव्य स्वागत किया। राज ठाकरे का मातोश्री में वर्षो बाद कदम रखना महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा परिवर्तन होने का संकेत माना जा रहा है।

राज ठाकरे ने मातोश्री छोड़ते हुए बोली थी ये बात
बता दें राज ठाकरे ने दिसंबर 2005 में शिवसेना यह दावा करते हुए छाेड़ दिया था कि "मातोश्री से सम्मान मांगा था लेकिन अपमान मिला"। उन्होंने अगले वर्ष मनसे का गठन किया था।
वर्षों बाद राज ठाकरे ने मातोश्री में रखा कदम
इसके बाद जुलाई 2012 में, राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे की एंजियोग्राफी के बाद लीलावती अस्पताल से मातोश्री तक गाड़ी चलाकर पहुंचाया था। इसके बाद जनवरी 2019 में राज ठाकरे अपने बेटे अमित ठाकरे की शादी का निमंत्रण उद्धव ठाकरे और उनके परिवार को देने के लिए उनके घर मातोश्री गए थे। 6 साल बाद 27 जुलाई 2025 को राज ठाकरे अपने मातोश्री पहुंचे। जिसके बाद 'मातोश्री' का नाम महाराष्ट्र की राजनीति में एक बाद फिर चर्चा में आ चुका है।
मातोश्री की दीवारें संजोए हैं शानदार अतीत
मातोश्री केवल एक घर नहीं हैं इसकी दीवारों में महाराष्ट्र की राजनीति का पिछले चार दशक से अधिक समय का इतिहास दर्ज है। मुंबई के ब्रांदा ईस्ट के कालानगर में स्थित मातोश्री केवल एक इमारत नहीं बल्कि ये महाराष्ट्र और मुंबई की राजनीति का शानदार अतीत है। मातोश्री, बालासाहेब ठाकरे की रणनीतियों का केंद्र रही हैं। मतोश्री की दीवारें शिवसेना के ऐतिहासिक फैसलों और संघर्षों की मूक गवाह हैं।
शिवसेना संस्थापक बाला साहेब ठाकरे ने बनवाया था
बांद्रा ईस्ट के कलानगर स्थित 'मातोश्री' बंगले को शिवसेना के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे ने बनवाया था। बालासाहेब ठाकरे 1980 के दशक में अपने परिवार के साथ 10,000 वर्ग फीट में बने इस बंगले में रहने आए थे। इसी बंगले से शिवसेना के जरिए बाला साहेब ने मराठियों की लड़ाई लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की। बालासाहेब ठाकरे के समय में, शायद ही कोई दिग्गज नेता और फिल्मी हस्ती होगा जो 'मातोश्री' में ना गया हो।
मातोश्री से पहले कहां रहता था ठाकरे परिवार?
आपको जानकर हैरानी होगी कि महाराष्ट्र के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक ठाकरे परिवार की शुरुआत 'मातोश्री' से नहीं, बल्कि दादर की मिरांडा चॉल से हुई थी।
तीन मंजिला इमारत में तब्दील हो चुका है मातोश्री
पिता बाला साहेब के समय से ही उद्धव ठाकरे अपने परिवार के साथ कलानगर में स्थित पुराने 'मातोश्री' बंगले में रह रहे हैं। 1995 में शिवसेना-भाजपा गठबंधन की सरकार बनने के बाद इसका रेनोवेशन हुआ और ये तीन मंजिला इमारत में तब्दील हो गया। जगह की कमी के कारण, 'मातोश्री-2' नाम का नया बंगला करोड़ों की कीमत लगाकर उद्वव ठाकरे ने इसके सामने बनवाया।
'मातोश्री' और ठाकरे परिवार की राजनीति
मुख्यमंत्री बनने के बाद, उद्धव ठाकरे ने सबसे पहले 'मातोश्री' में बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर के सामने आशीर्वाद लिया था। 'मातोश्री' ठाकरे परिवार का गढ़ है, जहां आदित्य ठाकरे तीसरी पीढ़ी के सदस्य के रूप में शिवसेना की कोर टीम में शामिल हुए और 2019 में चुनाव भी जीता और मंत्री बने।
'मातोश्री' बंगले की कीमत कितनी है?
वर्तमान में 'मातोश्री' बंगले की कीमत लगभग 80 करोड़ रुपये है। बालासाहेब ठाकरे ने ग्रांउडफ्लोर को पार्टी की सामाजिक-राजनीतिक गतिविधियों के लिए रखा था। दूसरी और तीसरी मंजिल पर उद्धव ठाकरे का परिवार रहता था, जबकि पहली मंजिल जयदेव-स्मिता के बेटे ऐश्वर्य के नाम थी। बालासाहेब के निधन के बाद, उनकी वसीयत में भी 'मातोश्री' का उल्लेख था, जिसके चलते यह काफी चर्चा में रहा था।












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