Nagpur Violence: नागपुर में औरंगजेब की कब्र को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद भड़की हिंसा, लगाया गया सख्त कर्फ्यू
Nagpur Violence and curfew: महाराष्ट्र के औरंगजेब की कब्र(Aurangzeb Tomb) को हटाए जाने को लेकर चल रहे विवाद के चलते नागपुर में अशांति फैली हुई है। सोमवार की रात प्रदर्शन के दौरान नागपुर के महाल और हंसपुरी इलाके समेत अन्य हिस्सों में हिंसा हुई, जहां भीड़ ने कई वाहनों को आग लगा दी। नागपुर में उपद्रवों के बाद तनाव बढ़ने के बाद यहां सख्त कफ्यू लगा दिया गया है।
नागपुर के पुलिस आयुक्त रविंदर कुमार सिंघल ने एक आधिकारिक आदेश जारी किया है जिसमें कहा गया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत यह कर्फ्यू अगली अधिसूचना तक जारी रहेगा।अधिकारियों ने अशांति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करके तथा नागपुर में निषेधाज्ञा लागू करके कार्रवाई की है।

यह प्रतिबंध कई क्षेत्रों में लागू है, जिसमें कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, लकड़गंज, पचपावली, शांतिनगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाड़ा, यशोधरानगर और कपिलनगर शामिल हैं। यह कर्फ्यू महल में शिवाजी महाराज की प्रतिमा के पास सार्वजनिक प्रदर्शन के बाद बढ़े तनाव की प्रतिक्रिया थी, जहां पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के लगभग 200 से 250 सदस्यों ने कब्र को हटाने के लिए विरोध प्रदर्शन किया था।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, महल के चिटनिस पार्क इलाके में सोमवार शाम को अशांति शुरू हुई, जो हंसपुरी इलाके तक पहुंच गई, जहां रात 10.30 से 11.30 बजे के बीच अराजकता फैल गई।
बता दें नागपुर के महाल क्षेत्र में सबसे पहले हिंसा हुई जिसमें कई लोग घायल हो गए जिसमें कई पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। 25 से अधिक बाहर और तीन से अधिक करों को उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया है। इस हिंसा में लगभग 65 दंगाइयों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इस हिंसा में अब तक 25 से 30 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।
कैसे शुरू हुई नागपुर में हिंसा?
नागपुर में यह हिंसा संभाजी नगर में औरंगजेब की कब्र और मकबरे को हटाए जाने की मांग को लेकक विश्व हिंदु परिषद द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के कुछ घंटे बाद हुई। एक अन्य सम्प्रदाय की धार्मिक पुस्तक जलाए जाने की अफवाह फैलने के बाद ये हिंसा भड़की थी।












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