Nagpur Violence: 'नागपुर हिंसा और दंगा सोची-समझी साजिश', महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस का बड़ा दावा
Nagpur Violence: औरंगजेब की कब्र को हटाए जाने की मांग को लेकर सोमवार को प्रदर्शन हुआ, जिसके कुछ देर बार दो गुटों में झड़प के बाद हिंसा भड़क उठी और पूरा नागपुर जल उठा है। हालांकि हालात को नियंत्रण करने के लिए नागपुर के कई इलाकों में सख्त कर्फ्यू लगा दिया गया है।
वहीं नागपुर हिंसा की गूंज मंगलवार को विधान परिषद में जमकर गूंजी। विपक्षी पार्टियों ने महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर जमकर हमला बोला। जिस पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा आरोप लगाया है।

नागपुर हिंसा पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा यह हिंसक घटना और दंगे पहले से ही योजनाबद्ध लग रहे हैं। उन्होंने कहा "छावा फिल्म ने औरंगजेब के खिलाफ लोगों के गुस्से को भड़का दिया है, फिर भी सभी को महाराष्ट्र में शांति बनाए रखनी चाहिए।"
बता दें नागपुर हिंसा मामले में दर्ज एफआईआर के अनसुार 17 अप्रैल को पुलिस थाना गणेशपेठ के अंतर्गत सुबह बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (बीएचपी) के लगभग 250 कार्यकताओं ने मिलकर महाराष्ट्र के संभाजीनगर में स्थापित औरंगजेब की कब्र हटाए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और प्रतीकात्मक कब्र जलाकर आंदोलन किया। इस मामले को लेकर वैंकवर पुलिस ने विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की।
नागपुर में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ती परिसर के नजदीक दोपहर में नमाज के बाद जमा हुए लगभग 250 लोगों ने विहिप और बजरंग दल के खिलाफ नारे लगाए और आरोप लगाया कि औरंगजेब की प्रतीकात्मक कब को जलाते समय जो उस पर हरे रंग का कपड़ा था उस पर कुरान की आयत लिखी थी। इस पर गुस्साएं लोगों ने आगजनी करने धमकी दी तब पुलिस ने उन्हें नियंत्रित किया। इसके बाद दोपहर में मुस्लिम समाज के लोगों ने पुलिस स्टेशन पहुंच कर शिकायत दर्ज करवाई तब पुलिस ने उन्हें सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन देकर और समझा-बुझा कर वापस लौटा दिया लेकिन इसके बाद कुछ
हंसापुर में शाम 6 बजे लगभग मुस्लिम समाज के लोगों ने एकत्र होकर नारेबाजी करते हुए पथराव किया और कई वाहनों को आग लगा और तोड़फोड़ की। जिससे हिंसा और भड़क उठी और नागरपुर के अन्य इलाकों में हिंसक घटनाएं हुईं ।












Click it and Unblock the Notifications