Mumbai Metro News Update: मेट्रो लाइन-4 के लिए L&T को बड़ा ऑर्डर, 2,500 करोड़ की लागत में होंगे ये सारे काम
Mumbai Metro News Update: देश की दिग्गज इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) को मुंबई मेट्रो रेलवे प्रोजेक्ट में एक और अहम जिम्मेदारी मिली है। L&T के ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस वर्टिकल को मुंबई मेट्रो लाइन-4 के लिए एक महत्वपूर्ण ऑर्डर मिला है। कंपनी के प्रोजेक्ट क्लासिफिकेशन के अनुसार, इस ऑर्डर की अनुमानित कीमत 1,000 करोड़ रुपये से 2,500 करोड़ रुपये के बीच है।
यह प्रोजेक्ट पैकेज CA-298 के तहत मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने दिया है। इस पैकेज में मुंबई मेट्रो लाइन-4 के विद्युतीकरण (Electrification) से जुड़ा कार्य शामिल है। यह लाइन भक्ति पार्क (वडाला) से कैडबरी जंक्शन तक 24.72 किलोमीटर लंबी है और इसमें कुल 22 एलिवेटेड स्टेशन प्रस्तावित हैं।

Mumbai Metro News Update: मेट्रो लाइन में पावर सप्लाई का जिम्मा
- L&T के इस ऑर्डर के दायरे में मेट्रो लाइन-4 के लिए पावर सप्लाई और ट्रैक्शन सिस्टम का डिजाइन, निर्माण, आपूर्ति, इंस्टॉलेशन, इंटीग्रेशन, परीक्षण और कमीशनिंग शामिल है।
- लाइन-4 और 4A के लिए कुल 32 स्टेशनों, डिपो और रिसीविंग सबस्टेशन में SCADA सिस्टम की व्यवस्था भी की जाएगी।
- इस पूरे काम का जिम्मा L&T की इन-हाउस डिजाइन और एक्सीक्यूशन टीम को दिया गया है।
Mumbai Metro 22 स्टेशनों पर होगा काम
- प्रोजेक्ट के तहत 22 एलिवेटेड स्टेशनों और 2 डिपो में इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल कार्यों के साथ-साथ लिफ्ट और एस्केलेटर की स्थापना भी की जाएगी।
- इसके अलावा, कंपनी को इस पूरे सिस्टम की पांच साल तक व्यापक मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी दी गई है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और बिना रुकावट के सेवाएं मिल सकें।
Mumbai Metro News: एलएंडटी को मिला लगातार तीसरा ऑर्डर
मुंबई मेट्रो लाइन-4 और 4A कॉरिडोर में एलएंडटी (L&T) को लगातार तीसरा ऑर्डर मिला है। इससे पहले कंपनी को पैकेज CA-234 के तहत रोलिंग स्टॉक, CBTC सिग्नलिंग सिस्टम, टेलीकम्युनिकेशन, प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स और डिपो मशीनरी का काम मिला था। साथ ही, पैकेज CA-168 के तहत L&T ने 15 स्टेशनों में फैले 19.5 किलोमीटर बैलेस्ट-लेस ट्रैक वर्क का जिम्मा संभाला था।
L&T को मिली मुंबई मेट्रो को संवारने की जिम्मेदारी
इस नए ऑर्डर के साथ L&T ने मुंबई मेट्रो नेटवर्क के विकास में अपनी मजबूत भूमिका को और पुख्ता कर लिया है। माना जा रहा है कि इस परियोजना के पूरा होने से मुंबई के पूर्वी उपनगरों में यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, मेट्रो नेटवर्क के और अधिक आधुनिक और विश्वसनीय बनने की उम्मीद की जा रही है।












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