शर्मसार! मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए दिव्यांग मॉडल को चढ़नी पड़ी सीढ़ियां, अफसरों ने नीचे आने से किया था इनकार
महाराष्ट्र की एक दिव्यांग एक्टिविस्ट और मॉडल से दुल्हन बनी विराली मोदी ने एक्सेसिबल इंडिया कैंपेन(सुगम्य भारत अभियान) की पोल खोली। उन्होंने अपने साथ बीती एक घटना को सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने बताया कि जब वो शादी के जोडे में मुंबई स्थित खार रजिस्ट्रार ऑफिस पहुंची, तो किसी भी तरह का कोई इंतजाम नहीं था।
अफसर हस्ताक्षर के लिए नीचे नहीं आए और बिना लिफ्ट वाले रजिस्ट्रार ऑफिस में दिव्यांग एक्टिविस्ट को दूसरी मंजिल तक सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं। दिव्यांग एक्टिविस्ट ने इसे निराशाजनक बताया। साथ ही कहा कि अगर मैं अपनी शादी के दिन गिर जाती तो क्या होता? कौन जिम्मेदार है? सोशल मीडिया पर छलका दुल्हन का दर्द...

विराली मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दर्द बयां करते हुए लिखा कि मैं विकलांग हूं और मेरी शादी 16 अक्टूबर को खार मुंबई स्थित में हुई। कार्यालय बिना लिफ्ट के दूसरी मंजिल पर था। अफसर हस्ताक्षर के लिए नीचे नहीं आए और मुझे शादी करने के लिए दूसरी मंजिल तक सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं।
गिर जाती तो क्या होता? कौन जिम्मेदार है?
सीढ़ियां बेहद खड़ी थीं और रेलिंग ढीली और जंग लगी हुई थी। किसी ने भी मदद नहीं की और न ही मेरे लिए किसी प्रकार की व्यवस्था की। जबकि मैंने रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचने से पहले ही अपने एजेंट को अपनी विकलांगता के बारे में सूचित कर दिया था। यह कैसे उचित है? सुगम्य भारत अभियान का क्या हुआ? सिर्फ इसलिए कि मैं व्हीलचेयर उपयोगकर्ता हूं, क्या मुझे उस व्यक्ति से शादी करने का अधिकार नहीं है जिसे मैं प्यार करती हूं? अगर कोई फिसल गया होता तो क्या होता और अगर मैं अपनी शादी के दिन गिर जाती तो क्या होता? कौन जिम्मेदार है?
PLEASE RT!
I am disabled and I got married at the Registrars Office at Khar Mumbai on 16/10/23. The office was on the 2nd floor WITHOUT a lift. They wouldn’t come downstairs for the signatures and I had to be carried up two flights of stairs to get married. pic.twitter.com/ZNCQF3gJRY
— Virali Modi (@Virali01) October 18, 2023
'मेरे अधिकार मायने रखते हैं'
विराली मोदी ने आगे यह भी लिखा कि मैं निराश हूं कि मेरे देश की सरकार और नागरिक मेरी विकलांगता को समायोजित नहीं कर सकते। इस घटना से मानवता में मेरा विश्वास खत्म हो गया है। मैं कोई सामान नहीं हूं, जिसे दो मंजिल तक ले जाना पड़े। मैं एक इंसान हूं और मेरे अधिकार मायने रखते हैं! मेरे देश को मेरी और लाखों विकलांग नागरिकों की जरूरतों को पूरा करना चाहिए। यह अत्यंत अनुचित, अभूतपूर्व और अप्रत्याशित है। मेरे अधिकार मायने रखते हैं! यह एक सरकारी इमारत थी और इस देश को चलाने के प्रभारी लोगों को आगे बढ़कर नेतृत्व करना चाहिए।
शिवसेना नेता ने घटना को बताया शर्मनाक
वहीं, एक तरफ सोशल मीडिया पर विराली मोदी को शादी के लिए बधाइयों का दौर छाया रहा। दूसरी तरफ, शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने विराली के पोस्ट को शेयर करते हुए कहा कि रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा यह बेहद शर्मनाक है। इसे जरूर उठाएंगे।












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