Mumbai Drone Ban : मायानगरी में ड्रोन और माइक्रो-लाइट विमानों पर बैन, पुलिस ने 30 दिनों की रोक लगाई
Mumbai Drone Ban के तहत मुंबई पुलिस ने ड्रोन और माइक्रो-लाइट विमानों के उड़ने पर 30 दिनों के लिए रोक लगा दी है। mumbai drone ban 30 days micro light aircraft maharashtra police order
Mumbai Drone Ban के फैसले के तहत मुंबई पुलिस ने ड्रोन और अन्य रिमोट-नियंत्रित या "माइक्रो-लाइट एयरक्राफ्ट" की उड़ान पर 30 दिनों का बैन लगाया है। अब मुंबई में ड्रोन और माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट अगले 30 दिनों तक नहीं उड़ाए जा सकेंगे। मुंबई शहर में ड्रोन की उड़ान पर रोक लगाने के लिए नया आदेश जारी किया है। पुलिस ने कहा है कि नए आदेश का मकसद ड्रोन के संभावित उपयोग और आतंकवादी गतिविधियों की आशंकाओं को खत्म करना है।

आतंकी गतिविधियों की आशंका
मुंबई पुलिस ने बुधवार को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत आदेश जारी किया। पुलिस अधिसूचना के अनुसार यह आदेश 13 नवंबर से 12 दिसंबर के बीच लागू रहेगा। आदेश में कहा गया है कि आतंकवादी और राष्ट्र-विरोधी तत्व" वीवीआईपी "को निशाना बनाने के लिए ड्रोन, रिमोट-नियंत्रित माइक्रो-लाइट एयरक्राफ्ट, हवाई मिसाइल या पैराग्लाइडर का उपयोग कर सकते हैं, ऐसी आशंका थी। ऐसे में बड़े पैमाने पर जनता का जीवन खतरे में पड़ सकता है। आतंकी कृत्य के कारण सार्वजनिक संपत्ति को भी निशाना बनाया जा सकता है।
तोड़फोड़ की आशंका खत्म करने की कवायद
बृहन्मुंबई पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में कानून व्यवस्था की गड़बड़ी की आशंका के मद्देनजर ड्रोन और माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट पर रोक लगाई गई है। आदेश में कहा गया है कि "संभावित तोड़फोड़ को रोकने" के लिए प्रतिबंध बेहद जरूरी थे।
निगरानी के लिए पुलिस उड़ा सकती है ड्रोन
मुंबई में ड्रोन बैन पर पुलिस के आदेश के मुताबिक स्वयं पुलिस द्वारा शहर की एरियल निगरानी या पुलिस उपायुक्त (संचालन) द्वारा लिखित अनुमति के मामलों को छोड़कर अगले 30 दिनों की अवधि में बृहन्मुंबई पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने पर रोक लगाई जाती है। आदेश में कहा गया है कि प्रतिबंध की अवधि में ड्रोन, रिमोट-नियंत्रित माइक्रो-लाइट एयरक्राफ्ट, पैराग्लाइडर, पैरा मोटर्स, हॉट एयर बैलून और निजी हेलीकॉप्टरों की कोई भी उड़ान गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी।
किस कानून के तहत ड्रोन पर पाबंदियां
आदेश के बारे में ANI की रिपोर्ट के मुताबिक दंड प्रक्रिया संहिता (Cr.P.C.) की धारा 144 मुंबई पुलिस को उपद्रव या संभावित खतरे के मामलों में निषेधात्मक आदेश जारी करने का अधिकार देती है। कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर की धारा 144 के तहत जिले के बड़े अधिकारियों यानी जिलाधिकारी, सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) या एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट को धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश मिलता है। आम तौर पर इस आदेश के तहत चार या इससे अधिक लोगों को एक जगह जमा होने की अनुमति नहीं होती। इसके अलावा भी कई पाबंदियां लगाई जा सकती हैं।












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