BMC Elections 2026: स्याही मिटाई तो गए काम से, फर्जी वोटिंग पर लिया जाएगा ये एक्शन, पुलिस को मिला बड़ा पॉवर
BMC Elections 2026: महाराष्ट्र में आज 15 जनवरी 2026 को मतदान की प्रक्रिया जारी है। इसी बीच, वोटिंग के बाद उंगली से वोटिंग का निशान वाली स्याही मिटाने की कोशिशों की खबरों ने चुनाव आयोग को सतर्क कर दिया है। राज्य चुनाव आयोग ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि स्याही मिटाना एक दंडनीय अपराध है और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आयोग ने मतदाताओं को आगाह किया है कि केवल स्याही मिटा लेने से कोई दोबारा वोट नहीं डाल पाएगा। क्योंकि हर मतदान केंद्र पर वोटरों का डिजिटल और लिखित रिकॉर्ड पूरी तरह सुरक्षित रहता है। फर्जी वोटिंग की किसी भी कोशिश को रोकने के लिए चुनाव अधिकारियों को रेड अलर्ट पर रखा गया है, ताकि चुनावी पारदर्शिता और लोकतंत्र की मर्यादा से कोई समझौता न हो।

BMC Elections: स्याही मिटाना कानूनन अपराध, होगी पुलिस कार्रवाई
राज्य चुनाव आयोग ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि उंगली पर लगी स्याही को रगड़कर या रसायनों के जरिए हटाने की कोशिश करना 'चुनावी कदाचार' (Malpractice) की श्रेणी में आता है।
सख्त निर्देश: यदि कोई व्यक्ति स्याही मिटाकर दोबारा कतार में खड़ा पाया जाता है, तो पीठासीन अधिकारी को उसे तुरंत पुलिस के हवाले करने का अधिकार दिया गया है।
सजा का प्रावधान: चुनावी नियमों के उल्लंघन के मामले में दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को जेल और भारी जुर्माना दोनों का सामना करना पड़ सकता है।
BMC Elections: रिकॉर्ड से खुलेगी पोल, स्याही ही एकमात्र सबूत नहीं
आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कई स्तर मौजूद हैं, इसलिए केवल स्याही मिटाना फर्जी वोटिंग में मददगार नहीं होगा:
चिह्नित प्रति (Marked Copy): मतदान केंद्र पर मौजूद आधिकारिक मतदाता सूची में वोट डालने के तुरंत बाद संबंधित व्यक्ति के नाम पर निशान लगा दिया जाता है।
डिजिटल डेटा: आधुनिक तकनीक और बूथ मैनेजमेंट के जरिए हर वोटर का रिकॉर्ड रियल-टाइम में अपडेट होता है, जो डुप्लीकेट वोटिंग को तुरंत पकड़ लेता है।
सुरक्षा कवच: प्रशासन के पास हर मतदाता का विस्तृत डेटा मौजूद है, जिससे फर्जी पहचान के साथ दोबारा वोट डालना असंभव है।
BMC Elections: मार्कर पेन और स्याही की गुणवत्ता पर निर्देश
चुनाव आयोग ने स्याही लगाने की प्रक्रिया को लेकर मतदान कर्मियों के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं:
लगाने का तरीका: अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि स्याही को नाखून और त्वचा के जोड़ पर अच्छी तरह लगाया जाए ताकि वह सूखने के बाद स्थायी निशान छोड़ दे।
गुणवत्ता की जांच: आयोग ने भरोसा दिलाया है कि इस्तेमाल की जा रही स्याही उच्च गुणवत्ता की है और इसे आसानी से नहीं हटाया जा सकता।
BMC Elections: प्रशासन की चौकसी और नई गाइडलाइंस
फर्जी वोटिंग की किसी भी संभावना को खत्म करने के लिए आयोग ने सभी केंद्रों के लिए नई गाइडलाइंस लागू की हैं:
सघन जांच: पोलिंग एजेंट अब हर वोटर की उंगली की बारीकी से जांच करेंगे। यदि उंगली पर स्याही मिटाने के निशान या कोई संदिग्ध केमिकल लगा मिलता है, तो उसे वोट डालने से रोका जा सकता है।
CCTV निगरानी: संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर मतदाता की गतिविधि को रिकॉर्ड किया जा रहा है ताकि सबूतों के साथ कार्रवाई की जा सके।
जनता से अपील: आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस उत्सव में ईमानदारी से भागीदारी करें और किसी भी प्रकार के अवैध प्रलोभन या गलत गतिविधियों से दूर रहें।
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