Maratha Quota Protest: मराठा आरक्षण आंदोलन ने रोकी मुंबई की रफ्तार! अनशन पर बैठे जारंगे ने पानी भी छोड़ा
Maratha Quota Protest in Mumbai: मुंबई का आजाद मैदान इन दिनों मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन का गवाह बन गया है। चार दिन से लगातार चल रहे इस आंदोलन ने अब नया मोड़ ले लिया है। मराठा समाज के नेता मनोज जारंगे ने भूख हड़ताल के साथ पानी पीना भी छोड़ने का ऐलान कर दिया है।
जारंगे की इस सख्त चेतावनी से माहौल और गरमाता जा रहा है। दक्षिण मुंबई की सड़कें जाम हैं, कारोबार ठप हो रहा है और राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कार्यकर्ता मनोज जारंगे ने सरकार को साफ संदेश दिया है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वह पीछे नहीं हटेंगे।

जारंगे का कड़ा रुख
मनोज जारंगे ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह आंदोलन के लिए "गोलियां" खाने को भी तैयार हैं। उनकी मांग है कि मराठा समाज को ओबीसी श्रेणी में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए और सरकार इसके लिए तत्काल जीआर जारी करे।
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सरकार ने मांगी कानूनी राय
राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि सरकार इस मामले में कानूनी राय लेगी। साथ ही, हैदराबाद गजटियर में दर्ज कुनबी जाति के दस्तावेज के आधार पर मराठा समाज को ओबीसी दर्जा देने पर भी विचार किया जा रहा है। इस मुद्दे पर मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल की अध्यक्षता में दो बैठकें भी हुईं।
ट्रैफिक और कारोबार पर असर
आंदोलन के चलते आजाद मैदान और आसपास के इलाकों में भारी भीड़ जुटी हुई है, जिससे दक्षिण मुंबई की ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को सुबह के समय जाम और धीमी गति से चलने वाले ट्रैफिक को लेकर अलर्ट किया है। इधर, फेडरेशन ऑफ रिटेल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार और हाई कोर्ट से दखल देने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि आंदोलन के कारण बाजारों में बिक्री पर असर पड़ा है और दक्षिण मुंबई की हालत 'अव्यवस्थित' हो गई है।
नेताओं पर गुस्सा
रविवार को एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले जब आंदोलन स्थल पर जारंगे से मिलने पहुंचीं तो प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और शरद पवार के खिलाफ नारेबाजी की। सुले ने सरकार से इस मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाने और सभी दलों की बैठक करने की मांग की है।
ओबीसी कोटे पर खींचतान
भाजपा नेताओं ने शरद पवार पर निशाना साधते हुए कहा कि आरक्षण की सीमा बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन की मांग ओबीसी कोटे को कमजोर कर सकती है। वहीं, एनसीपी नेता छगन भुजबळ ने ओबीसी नेताओं की बैठक बुलाई है ताकि आंदोलन पर रणनीति तय की जा सके।
पत्रकारों से दुर्व्यवहार का आरोप
टीवी पत्रकार संघ ने आंदोलनकारियों पर महिला पत्रकारों के साथ बदसलूकी का आरोप लगाया है। संघ ने जारंगे को शिकायत दी है और चेतावनी दी है कि अगर ऐसे मामले दोबारा हुए तो मीडिया आंदोलन का बहिष्कार करेगा।
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