Maharashtra Politics: शिवसेना अभी से क्यों दे रही है BJP को टेंशन, BMC चुनाव में टूटेगा गठबंधन? 5 बड़ी बातें
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में तमाम सियासी दलों की नजरें अब स्थानीय निकाय चुनावों (Civic Polls) पर टिक गई हैं। विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद विपक्षी पार्टियां इन चुनावों के माध्यम से अपना चेहरा बचाना चाहती हैं, तो सत्ताधारी दलों के सामने भी राज्य की चुनावी राजनीति में अपना दबदबा बनाए रखने की चुनौती है। लेकिन,सत्ताधारी महायुति के अंदर बीएमसी (BMC Polls) चुनाव को लेकर आपस में ही कुछ बातों पर टेंशन देखी जा रही है।
दरअसल, बीएमसी चुनाव के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना ने अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी ऐसी स्थिति के लिए तैयार रहना चाहती है, जिसमें हो सकता है कि उसे बीएमसी की सभी 228 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की नौबत आ जाए। हालांकि, प्रमुख सहयोगी बीजेपी के साथ गठबंधन की संभावाएं खारिज भी नहीं कर रही है।

Maharashtra Politics BMC Elections: पहली) बीजेपी पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रही है एकनाथ शिंदे की शिवसेना!
शिंदे की पार्टी बीएमसी चुनाव (BMC Election) को लेकर अभी से ही बहुत सक्रिय है। शिवसेना ने बीएमसी चुनावों को लेकर अबतक 12 बड़ी बैठकें कर ली हैं, जिनमें से 5 की अगुवाई तो खुद एकनाथ शिंदे के बेटे और कल्याण से पार्टी सांसद श्रीकांत शिंदे ने की है। बीएमसी की सभी 228 सीटों पर चुनाव लड़ने की शिंदे सेना की तैयारी को भाजपा पर दबाव डालने की राजनीति समझा जा रहा है।
शिवसेना के एक नेता के मुताबिक, 'हमें लगता है कि मुंबई स्थानीय निकाय चुनाव के लिए हमारे पास 6 महीने हैं और संगठन तैयार करने के लिए हम पूरी जोर लगा रहे हैं। मुंबई में हम बीजेपी के पीछे नहीं रहना चाहते। शिवसेना ने हमेशा बीएमसी पर शासन किया है और हम यह चाहते हैं कि यह ऐसा ही बना रहे...'
Maharashtra Politics BMC Polss: दूसरी) BMC में शासन करना BJP के लिए है पुराना सपना
2017 के बीएमसी चुनाव में बीजेपी 82 सीटें जीती थी और शिवसेना (संयुक्त) ने 84 सीटें जीतकर भाजपा के सहयोग से इसकी सत्ता हथिया ली थी। तब भी दोनों अलग-अलग चुनाव लड़ी। लेकिन, 2022 में शिवसेना में दो फाड़ हो गया और इसके करीब 50 पूर्व पार्षद शिंदे की शिवसेना का हिस्सा बन चुके हैं।
इस बार बीजेपी राज्य में सबसे बड़ी जीत जीती है और विधानसभा में अपने दम पर जादुई आंकड़े से वह कुछ ही सीटें पीछे रही है। ऐसे में पार्टी इस बार बीएमसी में भी सबसे बड़ी पार्टी बनने की उम्मीद लेकर चल रही है।
Maharashtra Politics BMC Chunav:तीसरी) बीजेपी से तालमेल के तहत अधिक से अधिक सीटें झटकने की कोशिश में शिंदे सेना!
लेकिन, शिवसेना जो दांव चलने की कोशिश में है, उससे लगता है कि वह बीजेपी से सीटों के तालमेल में ज्यादा से ज्यादा चुनाव क्षेत्रों से लड़ने की दावेदारी के लिए अभी से माहौल बनाना चाह रही है। माना जा रहा है कि वह बीएमसी की आधी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारना चाहती है। क्योंकि, उसके सामने शिवसेना (यूबीटी) को लेकर धारणा वाली भी चुनौती खड़ी है।
Maharashtra Politics BMC Elections: चौथी) शिंदे की शिवसेना को साधने के लिए ही MNS के राज ठाकरे के संपर्क में हैं सीएम देवेंद्र फडणवीस?
भाजपा और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी महायुति सरकार में सहयोगी शिवसेना की ओर से होने वाले मोलभाव का पक्का इल्म है। शायद यही वजह है कि हाल ही में सीएम महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के चीफ राज ठाकरे से मुलाकात भी कर चुके हैं। एमएनएस का विधानसभा चुनाव में प्रदर्शन भले ही बहुत ही बेकार रहा हो, मुंबई की कुछ सीटों पर उसे अच्छे वोट मिले हैं। माना जा रहा है कि फडणवीस की ठाकरे से मुलाकात के पीछे शिंदे सेना के रवैए की ही काट खोजी जा रही है।
Maharashtra Politics: पांचवीं) कब होने वाले हैं BMC चुनाव?
बीएमसी का चुनाव कब होगा यह कहना अभी मुश्किल है। क्योंकि, जिस तरह से ओबीसी आरक्षण और वार्ड पुनर्गठन का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, उससे आने वाले कुछ महीने में तो इसका होना संभव नहीं दिख रहा है। 25 फरवरी को इसपर सुनवाई होनी है। माना जा रहा है कि अगर सबकुछ सही भी रहा तब भी सितंबर-अक्टूबर से पहले चुनाव होना मुश्किल है। लेकिन,महायुति में शामिल राजनीतिक दल तैयारियों में अपनी ओर से अभी से कोई कसर नहीं रहने दे रहे हैं।












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