कोरोना की तीसरी लहर में हर दिन आ सकते हैं 4-5 लाख नए मामले, महाराष्ट्र ने कहा-हम लड़ने के लिए तैयार
कोरोना की तीसरी लहर में हर दिन आ सकते हैं 4-5 लाख नए मामले, महाराष्ट्र ने कहा-हम लड़ने के लिए तैयार
मुंबई, 24 अगस्त: कोरोना वायरस की तीसरी लहर अक्टूबर में भारत में आ सकती है। कोविड-19 की तीसरी लहर को लेकर सभी राज्यों ने उससे निपटने की अपनी ओर से पूरी तैयारी कर ली है। महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने कहा है कि वह कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने के लिए तैयार हैं और राज्य में इससे निपटने की पूरी तैयारी है। कोरोना की तीसरी लहर में देशभर में हर दिन 4 से 5 लाख नए मामले आ सकते हैं। भारत में महाराष्ट्र कोरोना से सबसे प्रभावित राज्यों में से एक है। जाहिर सी बात है कि कोरोना की थर्ड वेब का असर भी वहां ज्यादा दिख सकता है।

किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए हम तैयार: स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा, हमने मेडिकल स्टाफ की रिक्तियों को भरने, ऑक्सीजन का अधिकतम स्तर सुनिश्चित करने, अतिरिक्त बजट के साथ-साथ दवाओं को उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाए हैं। संभावित तीसरी लहर से किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए महाराष्ट्र पूरी तरह से तैयार है। महाराष्ट्र में सोमवार को डेल्टा प्लस वेरिएंट के 27 मामलों समेत 3,643 ताजा कोविड-19 के नए केस सामने आए हैं।

कोरोना की तीसरी लहर में 2 लाख ICU बेड्स की होगी जरूरत
नीति आयोग समूह ने एक आकलन के अनुसार कहा है कि कोरोना की तीसरी लहर के दौरान 23% अनुमानित मरीज अस्पताल में भर्ती होने की दर से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 200,000 समर्पित आईसीयू बिस्तरों की जरूरत होगी।

किन राज्यों में कितनी ICU बेड्स की होगी जरूरत
वी के पॉल की अध्यक्षता में नीति आयोग के ग्रुप-1 ने भी तीसरी लहर के लिए विभिन्न राज्यों में आईसीयू बेड की राज्यवार आवश्यकता का अनुमान लगाया है। उनके आकलन के अनुसार कोविड-19 की तीसरी लहर के दौरान उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 33,000 आईसीयू बेड की आवश्यकता होगी, इसके बाद महाराष्ट्र में 17,865 और बिहार में 17,480 बेड्स की जरूरत होगी।

कोरोना के तीसरी लहर से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
गट क्लिनिक के निदेशक अमीत मंडोट ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार का पालन करना होगा। अमीत मंडोट ने कहा, "नागरिकों को मास्क पहनकर, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए और सामूहिक समारोहों में हिस्सा नहीं लेकर जिम्मेदारी से काम करना चाहिए।" उन्होंने कहा, "सरकार को वैक्सीनेशन अभियान में तेजी लाने की जरूरत है क्योंकि इससे तीसरी लहर की संभावना कम हो जाएगी।"












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