महाराष्ट्र में फडणवीस कैबिनेट का फॉर्मूला हुआ तय! एकनाथ शिंदे, अजित पवार के हिस्से में आएगा कौन सा मंत्रालय
Maharashtra CM Devendra Fadnavis cabinet formula: महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रतिनिधित्व में महायुति सरकार का गठन हो चुका है। मुख्यमंत्री का शीर्ष पद देवेंद्र फडणवीस संभाल चुके हैं। वहीं अजित पवार और एकनाथ शिंदे उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालने के बाद कैबिनेट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद कर रहे हैं।
महायुति की सहयोगी पार्टी शिवसेना की एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री की मांग के कारण पहले ही शानदार जीत हासिल करने वाली महायुति सरकार का गठन 12 दिन बाद हुआ। वहीं अब महायुति सरकार के गठन के बाद मंत्री पदों का आवंटन एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। आइए जानते हैं भाजपा ने मंत्रालय में विभागों के बंटवारे का क्या फॉर्मूला तैयार किया है?

बता दें महाराष्ट्र में महायुति सरकार के गठन के बाद महायुति सहयोगियों के बीच मंत्री पदों के बंटवारे को लेकर उत्सुकता बढ़ चुकी है। वहीं सूत्रों के अनुसार शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे की चिंताओं को दूर करने के लिए, भाजपा अपने मंत्री पद के कोटे में कटौती करने पर विचार कर रही है। भाजपा महायुति में अपने सहयोगी दल शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की मांगों को पूरा करने के लिए अपने मंत्री पद कम कर सकती है।
मंत्रालय में मंत्री पद का क्या होगा फॉर्मूला?
सूत्रों के अनुसार एकनाथ शिंदे की नाराजगी दूरी कर उन्हें खुश करने के लिए भाजपा मंत्रीमंडल के बंटवारे में शिवसेना को 12 से 13 मंत्री पद दे सकती हैं। वहीं अजीत पवार की एनसीपी को 8 से 10 पद मिलने की संभावना है। चुनाव में सबसे अधिक सीटें जीतने के कारण अपने पास 20 से 22 मंत्री पद अपने पास रखने की योजना बना रही है।
अजित पवार और एकनाथ शिंदे को मिलेगा कौन सा मंत्रालय?
आने वाले पांच सालों तक भाजपा महायुति सरकार बिना विवाद और रुकावट के चलाना चाहती है। ऐसे में तय है कि मंत्रालय का बंटवारा करते समय महायुति गठबंधन के भीतर सामंजस्य और संतुलन बनाए रखने के प्रयास कर रही है।पीटीआई न्यूज एजेंसी के सूत्रों के अनुसार वर्तमान सरकार में अजित पवार के पास वित्त मंत्रालय और एकनाथ शिंदे को शहरी विकास के अलावा राजस्व विभाग दिया जा सकता है। जिसकी शिंदे डिमांड भी कर चुके हैं।
किसे मिलेगा शक्तिशाली गृह मंत्रालय?
हालांकि एकनाथ शिंदे गृह मंत्रालय की भी डिमांड कर चुके हैं लेकिन शक्तिशाली गृह मंत्रालय भाजपा अपने पास ही रखेगी। संभावना है कि पिछली सरकार की तरह इस बार भी गृह मंत्रालय देवेंद्र फडणवीस के पास रहेगा।
असंतुष्ट थे एकनाथ शिंदे?
बता दें महाराष्ट्र में महायुति की चुनावी जीत के बाद भाजपा के कुछ फैसलों से एकनाथ शिंदे का असंतोष सामने आया था। देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री नियुक्त करने के फैसले के बावजूद, शिंदे ने शुरू में चुप्पी साधे रखी और यहां तक कि अपने गांव में वापस चले गए, जिससे कुछ समय के लिए उनसे संपर्क नहीं हो पाया। इस वापसी ने उनके असंतोष के बारे में अटकलों को जन्म दिया, खासकर सरकार के भीतर प्रमुख पदों के आवंटन के बारे में। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कोई नाराजगी नहीं है। हम देवेंद्र फडणवीस को सरकार चलाने में हर संभव प्रयास करेंगे।
शिंदें कर चुके हैं ये डिमांड?
शिंदे की मांगों में कथित तौर पर उनके बेटे के लिए उपमुख्यमंत्री का पद और खुद के लिए विधान परिषद के अध्यक्ष का पद शामिल था। इसके अलावा, शिवसेना द्वारा गृह मंत्रालय के पोर्टफोलियो की मांग के बारे में भी चर्चा हुई। भाजपा नेतृत्व ने शिंदे के साथ चर्चा की, जिसके परिणामस्वरूप अंततः उन्होंने उपमुख्यमंत्री की भूमिका स्वीकार कर ली।












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