Maharashtra Chunav Result 2024: ठाकरे-पवार की जोड़ी हिट, कांग्रेस बनी किंग मेकर, NDA का बुरा हाल!
Maharashtra Lok Sabha Result 2024: महाराष्ट्र लोकसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस ने अपने प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया है। चुनावी नतीजों में 13 सीटों को अपने पाले में खींचते हुए, राज्य में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं, टीम ठाकरे 9 और पवार की एनसीपी का 8 सीटों पर कब्जा रहा। दोनों ही दल कांग्रेस नेतृत्व वाले विपक्षी गुट 'इंडिया गठबंधन' के सदस्य हैं। चुनाव की रेस में गठबंधन 30 सीटों पर परचम लहरा रहा है।
वहीं, एकनाथ शिंदे की शिवसेना 7 और बीजेपी 9 सीटों पर चल रही है। वहीं, अजित पवार की एनसीपी ने 1 सीट पर अपना कब्जा जमा लिया है। ऐसे में एनडीए 18 पर ही सिमटती नजर आ रही है। जैसे-जैसे टीम ठाकरे आगे बढ़ती गई, उसके कार्यालय सेना भवन के बाहर पोस्टर लगने लगे। असली सेना कौन है? लोगों ने दिखा दिया है'।

2019 के मुकाबले NDA को बड़ी क्षति
महाराष्ट्र उन राज्यों में से है, जहां एनडीए को 2019 के मुकाबले बड़ी क्षति हुई है। किसी भी अन्य राज्य में दो चुनावों के बीच राजनीतिक परिदृश्य इस महत्वपूर्ण राज्य की तरह नहीं बदला है। 2019 में, बीजेपी और शिवसेना गठबंधन में थे। दोनों ने मिलकर 48 में से 41 सीटें जीतीं थी। एनसीपी ने 4 और कांग्रेस ने 1 सीट जीती थी।
महाराष्ट्र की सियासत में उठापटक
समय की कसौटी पर खरे उतरे बीजेपी-सेना गठबंधन ने उस साल बाद में राज्य के चुनावों में जीत हासिल की, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर यह गठबंधन टूट गया। इसके बाद ठाकरे ने राज्य सरकार बनाने के लिए एनसीपी और कांग्रेस के साथ गठबंधन किया। अपने कार्यकाल के ढाई साल बाद, ठाकरे को एक बड़ा झटका लगा। उनके करीबी सहयोगी और शिवसेना के वफादार एकनाथ शिंदे ने विद्रोह का नेतृत्व किया, जिससे उनकी सरकार गिर गई और उनकी पार्टी में फूट पड़ गई। इससे भी बुरी बात यह रही कि शिंदे ने नई सरकार बनाने के लिए बीजेपी के साथ गठबंधन किया और उसके मुख्यमंत्री बन गए।
कांग्रेस, टीम ठाकरे और एनसीपी की महा विकास अघाड़ी के फिर से एकजुट होने के साथ ही एक और झटका लगने वाला था। एनसीपी के दिग्गज नेता शरद पवार को अपने परिवार के भीतर से ही विद्रोह का सामना करना पड़ा। उनके भतीजे अजित पवार ने विद्रोह का नेतृत्व किया, जिसके कारण 80 वर्षीय पवार को अपनी पहचान की लड़ाई लड़नी पड़ी।












Click it and Unblock the Notifications