महाराष्ट्र में दिखा बस हड़ताल का असर, विलय की मांगों पर बॉम्बे हाईकोर्ट आज करेगा सुनवाई
महाराष्ट्र में दिखा बस हड़ताल का असर, विलय की मांगों पर बॉम्बे हाईकोर्ट आज करेगा सुनवाई
मुंबई, 08 नवंबर: महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के कुछ कर्मचारियों ने सोमवार (07 नवंबर) को बस हड़ताल जारी रखा है। पूरे महाराष्ट्र में बस हड़ताल जारी रहने की वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बॉम्बे हाई कोर्ट आज इस मामले की सुनवाई करेगा। एमएसआरटीसी कर्मचारी संघ ने रविवार को घोषणा की थी कि रविवार (07 नवंबर) आधी रात से पुणे मंडल में एक भी बस डिपो से नहीं निकलेगी। यूनियनों के सूत्रों ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि रविवार को महाराष्ट्र में लगभग 129 डिपो गैर-परिचालन रहे और हड़ताल के कारण 40 प्रतिशत से अधिक बस सेवाओं को रद्द किया गया है।

महाराष्ट्र में बस हड़ताल से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में उत्तरी महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ शामिल हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट ने पिछले सप्ताह कहा था कि ये बस आंदोलन खत्म करने का आह्वान किया था। लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट की टिप्पणी के बाद भी बस हड़ताल जारी है। एमएसआरटीसी कर्मचारियों की ये बस हड़ताल फेस्टिवल सीजन के दौरान हो रही है, जब लोग त्यौहार मनाने अपने घर आते-जाते हैं।
संघ के सूत्रों के अनुसार, कुछ एमएसआरटीसी कर्मचारियों ने 28 अक्टूबर से ड्यूटी पर रिपोर्ट नहीं की है। राज्य परिवहन निगम के कर्मचारियों ने ये बस हड़ताल सरकारी सेवा में विलय की मांग को लेकर कर रहे हैं। इन्ही मांगों को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट आज सुनवाई करेगा।
बीते बुधवार को बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा था, ''जनता को होने वाली भारी कठिनाई और असुविधा को ध्यान में रखते हुए, जिन्होंने त्यौहार के दिनों में एमएसआरटीसी बसों के माध्यम से अपनी यात्रा की योजना तय की है, उनको इस बस हड़ताल से बहुत नुकसान होगा। हम एमएसआरटीसी के सभी कर्मचारियों को निर्देश देते हैं कि 3 नवंबर की मध्यरात्रि से या उसके बाद अगले आदेश तक प्रस्तावित रैली हड़ताल को आगे बढ़ने से परहेज करें।" हाई कोर्ट ने गुरुवार को अदालत के आदेश के बावजूद अपनी हड़ताल जारी रखने के लिए महाराष्ट्र राज्य कनिष्क वेतनश्रेनी एसटी कर्मचारी संगठन को फटकार लगाई।












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