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BMC Election Results 2026: RSS के गढ़ में भाजपा हीरो, शिवसेना दो और कांग्रेस ने 37 सीटों पर बनाई बढ़त

BMC Election Results 2026: महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव के ताज़ा रुझान शरद पवार की राजनीति के लिए किसी बड़े खतरे की घंटी से कम नहीं हैं। मतगणना के शुरुआती घंटों में ही तस्वीर साफ होने लगी है कि कभी राज्य की सत्ता की धुरी रही शरद पवार की पार्टी (NCP-SP) का किला बुरी तरह ढह गया है।

कुल 151 सीटों के आए शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी 102 सीटों पर बढ़त के साथ एकतरफा जीत की ओर बढ़ रही है, जबकि शरद पवार कैंप की उपस्थिति नगण्य नजर आ रही है। कई प्रमुख शहरों में तो स्थिति यह है कि पवार की पार्टी का खाता भी नहीं खुल सका है और उनके दिग्गज उम्मीदवार शुरुआती दौर में ही पिछड़ गए हैं।

Sharad Pawar Vs Ajit Pawar

भतीजे की रफ्तार से बेदम हुए चाचा
इस चुनाव की सबसे बड़ी चर्चा 'चाचा बनाम भतीजे' की जंग को लेकर थी, जिसमें फिलहाल अजित पवार ने बाजी मार ली है। महाराष्ट्र के ओवरऑल 2000 वार्डों के रुझानों में अजित पवार की एनसीपी 114 वार्डों में बढ़त बनाए हुए है, जो उनके चाचा शरद पवार की 24 सीटों के मुकाबले करीब 5 गुना अधिक है।

वहीं, इन 151 सीटों के आंकड़ों में भी अजित पवार की एनसीपी 1 सीट पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि शरद पवार की पार्टी संघर्ष कर रही है। यह नतीजा साफ तौर पर संकेत दे रहा है कि जमीनी स्तर पर मतदाताओं ने अजित पवार के नेतृत्व को स्वीकार करना शुरू कर दिया है।

कांग्रेस से अलग चुनाव लड़ना पड़ा भारी?

शरद पवार का यह पिछड़ना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि उन्होंने इस बार कांग्रेस से अलग होकर चुनाव लड़ने का जोखिम उठाया था, जो पूरी तरह उल्टा पड़ता दिख रहा है। जहां शरद पवार कैंप हाशिए पर है, वहीं कांग्रेस 37 सीटों पर बढ़त के साथ दूसरे नंबर की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है।

इसके विपरीत, महायुति में शामिल मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना 2 सीटों पर आगे है, जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) मात्र 1 सीट पर सिमटती दिख रही है। ये आंकड़े बताते हैं कि विपक्षी खेमे में सिर्फ कांग्रेस ही थोड़ी बहुत टक्कर दे पा रही है।

मुंबई से पुणे तक पवार कैंप का सूपड़ा साफ

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (BMC) से लेकर पुणे तक शरद पवार की पार्टी का प्रदर्शन बेहद शर्मनाक रहा है। बीएमसी के 227 वार्डों में पवार कैंप मात्र 1 सीट पर सिमटता नजर आ रहा है, जो उनकी घटती राजनीतिक पकड़ का प्रमाण है।

पुणे, कल्याण, नवी मुंबई, नासिक और कोल्हापुर जैसे बड़े गढ़ों में भी एनसीपी-एसपी का पूरी तरह सूपड़ा साफ हो गया है। जलगांव, धुले और अमरावती जैसे शहरों में तो एक भी उम्मीदवार बढ़त बनाने में कामयाब नहीं हो सका है, जबकि बीजेपी ने इन इलाकों में 'क्लीन स्वीप' जैसी स्थिति बना दी है।

राज ठाकरे की मनसे ने भी दी शरद पवार को मात

हैरानी की बात यह है कि इस चुनावी दौड़ में शरद पवार की पार्टी राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) से भी पिछड़ती दिख रही है। पूरे महाराष्ट्र के रुझानों में एमएनएस का प्रदर्शन पवार कैंप की तुलना में अधिक प्रभावी नजर आ रहा है। चुनावी रुझान स्पष्ट कर रहे हैं कि प्रचंड 'भगवा लहर' और महायुति के संगठित प्रचार के सामने शरद पवार अपनी पुरानी राजनीतिक साख बचाने में नाकाम रहे हैं। अब देखना यह होगा कि अंतिम परिणाम आने तक क्या शरद पवार अपनी खोई जमीन तलाश पाएंगे या यह हार उनके राजनीतिक युग के अंत की शुरुआत होगी।

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