Maharashtra Chunav: चुनावी 'रेवड़ियों' के बारे में महिला वोटरों की क्या है सोच? मतदान से पहले ग्राउंड रिपोर्ट
Maharashtra Chunav 2024: अन्य राज्यों की तरह महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भी महिला वोटर सभी दलों की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। सभी दलों ने महिलाओं के लिए चुनाव रेवड़ियों का पिटारा खोल दिया है। सत्ताधारी महायुति गठबंधन ने 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन' योजना से इसकी शुरुआत की तो विपक्षी महा विकास अघाड़ी गठबंधन ने भी अपने वादों के पिटारों में कहीं कोई कसर नहीं छोड़ी।
लेकिन, सबसे बड़ा सवाल है कि अपने लिए शुरू हुई कल्याणकारी योजनाओं और चुनावी वादों को लेकर महाराष्ट्र की महिला वोटर क्या सोच रही हैं। उन्हें किस योजना पर भरोसा है और किस वादे पर भरोसा करके वह मतदान की तैयारी कर रही हैं? दरअसल, इन योजनाओं और वादों के बारे में महिला मतदाताओं में हिचकिचाहट भी है और उनकी सोच भी अलग-अलग हैं।

महिलाओं में उत्साह भी, आशंका भी
टीओआई ने महाराष्ट्र के कई शहरों और ग्रामीण इलाकों तक में इसके बारे में महिला वोटरों से बात की है। कुछ महिला वोटर तो इन चुनावी वादों को लेकर बहुत ही ज्यादा उत्साहित हैं तो कई ऐसी भी हैं, जो इन्हें आशंका भरी निगाहों से देख रही हैं।
3,000 रुपए महीने के वादे पर क्या है सोच?
मसलन, ठाणे की 39 वर्षीय एक गृहिणी अनिता यादव को लगता है कि '3,000 रुपए महीना घर के खर्चों को पूरा करने में बहुत बड़ा मददगार साबित होगा।' 'लेकिन सच कहें तो पार्टियों को जरूरी चीजें जैसे किराना के समान और यातायात की कीमतें नियंत्रित करने पर फोकस करनी चाहिए। इसके अलावा, मुझे यह भी भरोसा नहीं है कि ये वादे सही में हकीकत में बदल जाएंगे।' महिलाओं को 3,000 रुपए देने का वादा महा विकास अघाड़ी ने किया है।
ठाणे की महिला ने जो कुछ कहा है, उससे एक बात तो जरूर निकल रही है कि उन्होंने अभी तक पूरा मन नहीं बनाया है और वह सभी दलों के वादों और उनके ट्रैक रिकॉर्ड को परखना चाहती हैं। यह भावना अधिकतर युवा महिला वोटरों में देखी जा रही है।
वादे हैं वादों का क्या?
ठाणे की ही 23 वर्षीय छात्रा प्रीति पाटिल कहती हैं, 'मैं इन ऑफर्स पर सिर्फ इसलिए भरोसा नहीं कर सकती, क्योंकि ये चुनाव से पहले दिए गए हैं। पहले तो पार्टियां बड़े-बड़े वादे करती हैं और फिर बाद में उन्हें 'राजनीतिक जुमला' या 'प्रिंटिंग मिस्टेक' बताकर भुला देती हैं।'
किसके वादे में है दम, कौन बाद में कर सकता बेदम?
प्रदेश में ऐसी महिला वोटरों की भी कमी नहीं है, जो सिर्फ ये नहीं देख रही हैं कि किस पार्टी या दल ने सबसे ज्यादा देने का वादा किया है। बल्कि, वह इस बात पर ज्यादा गौर कर रही हैं कि किसके दावे में ज्यादा दम है और कौन उसे लंबे समय तक पूरा करने में सक्षम है।
ऐसी महिलाओं का मानना है कि हर महीने एक निश्चित रकम खाते में आ जाना ज्यादा अच्छा है, बजाए इसके कि अनिश्चित के भरोसे रहा जाए। मसलन, प्रतिमा कहती हैं कि चाहे लाडकी बहिन की रकम बढ़ाकर 2,100 रुपए न भी किया जाए, हर महीने 1,500 रुपए आ रहा है, उनके लिए इसी में मन की शांति है।
'जो मिल रहा है, उसी पर ज्यादा भरोसा'
उन्हीं के घर के पास घरों में काम करने वाली दुर्गा पाटिल को भी जो मिल रहा है, उसी में ज्यादा भरोसा है। वह कहती हैं, 'मुझे पहले से ही हर महीने 1,500 रुपए मिल रहे हैं।' नागपुर में घरों में सहायिका के तौर पर काम करने वाली 34 साल की पुष्पा नेवारे कहती हैं कि जो मिल रहा है, उसमें अधिक भरोसा है।
वो कहती हैं, 'अपनी जरूरतें पूरा करने के लिए 4 घरों में बर्तन मांजती हूं। मेरे पति आटे की मिल में काम करते हैं, लेकिन ज्यादा नहीं कमाते।' उन्हें जो सरकार से पैसे मिले हैं, उसकी वजह से दिवाली में पहली बार बच्चों को नए कपड़े खरीद पाई हैं।
नागपुर की 30 वर्षीय गृहिणी दीक्षा धोमने का कहना है कि उनके पति दिहाड़ी मजदूर हैं। उन्हें जो पैसे (लाडकी बहिन) मिले हैं, उससे उनकी बेटी प्राइवेट स्कूल जाने लगी है और अन्य गतिविधियों में भी शामिल हो पा रही है। उनके मुताबिक, 'लागत की वजह से इन सब चीजों को हमें पहले टालना पड़ जाता था।'
कुछ महिलाओं को है ज्यादा के वादे पर भरोसा
लेकिन, सभी महिलाओं की सोच एक तरह की नहीं हो सकती। मसलन, उल्हासनगर की रहने वाली तीन बच्चों की मां 28 वर्षीय श्यामा बानो, महायुति सरकार से लाडकी बहिन योजना के तहत 7,500 रुपए का लाभ उठा चुकी हैं। उन्हें यह भी मालूम है कि सत्ताधारी गठबंधन ने चुनाव जीतने के बाद 1,500 रुपए की रकम को 2,100 रुपए करने का भरोसा दिलाया है।
लेकिन, उनका ध्यान विपक्षी एमवीए के ऑफर की ओर खिंच चुका है। ज्यादा पैसे के ऑफर को देखते हुए उनका कहना है 'मैं इस बार कांग्रेस को वोट देने की सोच रही हूं।' उनकी 32 वर्षीय दोस्त अमरिन शेख के कागज नहीं मिले थे तो उन्हें लाडकी बहिन का फायदा अभी तक नहीं मिल पाया है। अब उन्हें महा विकास अघाड़ी का वादा ज्यादा लुभा रहा है।












Click it and Unblock the Notifications