Ladli Bahna Yojana: क्या महाराष्ट्र में किन्नर समाज को मिलेगा लड़की बहन योजना का लाभ?
Maharashtra Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति को मिली बंपर जीत का बड़ा श्रेय "मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना" को दिया गया। पिछली शिंदे सरकार में शुरू की गई "लड़की बहन योजना" से भाजपा समेत महायुति में शामिल शिवसेना और एनसीपी को भी खूब फायदा हुआ।
ये ही वजह थी कि महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री बनते ही सबसे पहले राज्य की लाडली बहनों से किया वादा पूरा किया और इस योजना की धनराशि बढ़ाकर 2100 रुपये करने का ऐलान कर दिया। वहीं अब सवाल उठ रहा है कि क्या फडणवीस सरकार किन्नर समाज को इस योजना लाभार्थी बनाने की पहल करने जा रही है?

दरअसल, मुंबई में किन्नर समाज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अपना "देवा भाऊ" बता रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना का लाभ उन्हें भी जल्द मिलेगा।
'देवा भाऊ' से क्यों किन्नर समाज कर ये उम्मीद?
'देवा भाऊ' यानी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से किन्नर समाज की लाडली बहन योजना का फायदा लेने की उम्मीद ऐसे ही नहीं जागी है। दरअसल, नागपुर में महाराष्ट्र सरकार के अधिवेशन और इसके बाद शीतकालीन सत्र में भाजपा विधायक प्रवीण दटके ने मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना में थर्ड जेंडर के समाज को शामिल किए जाने की मांग की।
किन्नर समाज ने जताया है फडणवीस सरकार पर भरोसा
महाराष्ट्र में जुलाई 2024 में शुरू हुई लड़की बहन योजना को लेकर किन्नरों की ये डिमांड नई नहीं है। इस योजना के शुरू होने के बाद ही किन्नर समाज ये मांग कर रहा है। अब जब महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र में ये मुद्दा भाजपा के विधायक ने उठाई तो किन्नर समाज की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उम्मीद बढ़ गई है। उन्हें उम्मीद है कि उनके देव भाऊ देवेंद्र फडणवीस उनकी मांग जरूर पूरी करेंगे।
महाराष्ट्र में किन्नर वोटर्स की कुल संख्या
महाराष्ट्र में किन्नर (थर्ड जेंडर्स) वोटर्स की कुल संख्या 5617 है। सबसे अधिक संख्या में ठाणे जिले में किन्नर रहते हैं। ठाणे में 1276, मुंबई उपनगरों में 812, पुणे में 726 वोटर्स रजिस्टर्ड है।
जानें कब मिल किन्नरों को वोट डालने का अधिकार
किन्नरों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के अब तक कई प्रयास किए जा चुके हैं। 2004 और 2029 के के लोकसभा चुनाव में इन्हें वोटे देने का अधिकार नहीं प्राप्त था। 2014 में उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद थर्ड जेंडर मतदाताओं को वोट देने का अधिकार मिला था। 2014 में हुए लोकसभा चुनावों में महिला और पुरुष मतदाताओं के साथ किन्नरों मतदाता सूची में शामिल किया गया था।
कितने किन्नरों के पास है आधार कार्ड
- भारत देश में 41, 033 किन्नरों के पास आधार कार्ड है।
- आंध्र प्रदेश में सर्वाधिक किन्नर हैं, जिसकी कुल संख्या 7682 है।
- दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल हैं, यहां पर 4 , 930 किन्नर हैं, जिनके पास आधार कार्ड है।
- वहीं तीसरे स्थान पर महाराष्ट्र हैं यहां के 3, 622 किन्नरों के पास आधार कार्ड है।












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