IIT Bombay name Row: नाम बदलने पर मचा बवाल, केंद्रीय मंत्री के बयान पर महाराष्ट्र सरकार हुई नाराज
IIT Bombay name Row: IIT Bombay के पर नया विवाद खड़ा हो गया है। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के IIT Bombay के नाम को लेकर की गई टिप्पणी पर नाराजगी जताई है।
शनिवार को विधान परिषद में महाराष्ट्र के संस्कृति मंत्री आशीष शेलार ने खुलकर कहा कि महाराष्ट्र सरकार पिछले महीने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की IIT बंबई का नाम IIT मुंबई न करने संबंधी टिप्पणी से 'खुश नहीं' है। उन्होंने कहा सरकार सिर्फ नाराज़ ही नहीं, बल्कि राज्य सरकार ने अपनी राय व्यक्त करते के लिए एक पत्र लिखा है और केंद्र को अपनी नाराजगी से औपचारिक रूप से अवगत करा दिया है।

दरअसल, शनिवार को विधान परिषद में भाजपा नेता शेलार, शिवसेना (उबाठा) के अनिल परब द्वारा इस मुद्दे पर उठाए गए सवाल का जवाब दे रहे थे। परब ने केंद्रीय मंत्री के बयान को महाराष्ट्र के गौरव पर चोट बताया था और सरकार से अपना रुख साफ करने को कहा था। "विधान परिषद में मंत्री आशीष शेलार ने महाराष्ट्र सरकार का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य का रुख 'बॉम्बे नहीं, मुंबई' है। सरकार केंद्रीय मंत्री के बयान से आहत और नाराज़ है और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र लिखकर राज्य की भावना व्यक्त की है।"
जानिए आखिर क्या है पूरा मामला
दरअसल, कुछ समय पहले महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने कहा था कि राज्य सरकार IIT बॉम्बे का नाम IIT मुंबई करने की मांग करेगी। इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्रालय को औपचारिक पत्र लिखा जाएगा। जिस पर केंद्रीय मंत्री ने टिप्पणी की थी जिस पर महाराष्ट्र सरकार ने नाराजगी जताई है।
केंद्रीय मंत्री ने IIT Bombay को लेकर क्या दिया था बयान?
यह मुद्दा विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा नवंबर में एक समारोह में यह कहने के बाद उठा है जिसमें उन्होंने IIT Bombay का नाम बदलकर IIT Mumbai नहीं रखने की पैरवी की थी। मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि आईआईटी बॉम्बे का नाम अब तक नहीं बदला गया है और इसे 'मुंबई' नहीं किया गया, यह अच्छी बात है। उन्होंने आगे कहा कि आईआईटी मद्रास के संबंध में भी यही स्थिति है। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में तीव्र प्रतिक्रियाएँ सामने आईं।
क्यों नाम बदलना चाहती है महाराष्ट्र सरकार?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिखने की योजना की घोषणा करते हुए बताया था कि वो क्यों नाम बदलवाना चाहती है। नाम बदलने से महाराष्ट्र का 1995 का ऐतिहासिक फैसला मेल खाता है, जब शहर का नाम बॉम्बे से बदलकर मुंबई किया गया था, स्थानीय देवता मुंबादेवी का सम्मान करते हुए और औपनिवेशिक जुड़ावों से दूरी बनाई गई थी।
1995 में मुंबई का नाम बदलना स्थानीय सांस्कृतिक विरासत और पहचान को दर्शाने के लिए राज्य सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम था। IIT Bombay के नाम पर चल रही बहस महाराष्ट्र में क्षेत्रीय पहचान और ऐतिहासिक विरासत के आसपास लगातार हो रही संवेदनशीलता को उजागर करती है।












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