Puja Khedkar: कौन हैं DM Suhas Diwase, जिनकी वजह से ट्रेनी IAS पूजा खेडकर की जिंदगी में आया भूचाल
Who is IAS Suhas Diwase vs Puja Khedkar: ट्रेनिंग में ही ऑडी कार, कैबिन और अन्य VIP सुविधाएं मांगकर चर्चा में आईं पुणे में पोस्टेड आईएएस पूजा खेडकर को लेकर नित नए खुलासे हो रहे हैं। पूजा खेडकर की सर्विस ही नहीं बल्कि निजी जिंदगी में भी भूचाल आया हुआ है।
ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर ने कैसे पुणे कलेक्ट्रेट में सबकी नाक में दम कर रखा था और किस कदर उसने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास करने के लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने में खेला किया? इन सबकी पोल आईएएस अधिकारी सुहास दिवासे की वजह से खुली।

सुहास दिवसे, 2009 से महाराष्ट्र कैडर के आईएएस अधिकारी हैं, पहले वे कृषि आयुक्त के पद पर थे और बाद में पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्यरत रहे। भंडारा के जिला कलेक्टर के रूप में भी काम किया है और पिंपरी चिंचवाड़ न्यू टाउन डेवलपमेंट अथॉरिटी (PCNTDA) के प्रमुख का पद संभाला है। माना जाता है कि दिवासे के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ घनिष्ठ संबंध हैं।

दरअसल, सुहास दिवासे पुणे के जिला कलेक्टर हैं। साल 2023 की आईएएस पूजा खेडकर पुणे में सुहास दिवासे के अंडर में बतौर प्रोबेशनरी आईएएस के रूप में कार्यरत थीं।
पुणे डीएम सुहास दिवासे ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर बताया कि तीन जून को ज्वाइन करने से पहले ही पूजा खेडकर की ओर से लगातार अलग कैबिन, लाल बत्ती वाली ऑडी कार व स्टाफ की कथित अनुचित डिमांड की जा रहा है।

पुणे जिला कलेक्टर सुहास दिवासे का पत्र मिलने पर एकनाथ शिंदे सरकार ने ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर पर तुरंत एक्शन लिया और उनका पुणे से वाशिम ट्रांसफर कर दिया। वाशिम में पूजा खेडकर को असिस्टेंट कलेक्टर के पद पर लगाया गया है। ट्रांसफर होते ही पूजा खेडकर सुर्खियों में आ गईं और उनकी यूपीएससी जर्नी, कथित फर्जी प्रमाण पत्र, नेटवर्थ को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।












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