'12 बार दी UPSC की परीक्षा, 7 पर न करें विचार', पूर्व IAS पूजा खेडकर ने दिल्ली HC से किया अनुरोध

Puja Khedkar: पुणे की पूर्व आईएएस पूजा खेडकर ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक हलफनामा दायर किया है। हलफनामा दायर कर पूजा खेडकर ने दिल्ली हाईकोर्ट ने अनुरोध किया है कि सिविल सेवा प्रवेश परीक्षा में उनके 12 प्रयासों में से सात को खारिज कर दिया जाए।

इतना ही नहीं, पूर्व आईएएस पूजा खेडकर ने अनुरोध करते हुए कहा कि सिर्फ दिव्यांग श्रेणी में दी जाने वाली उनकी परीक्षा को ही उचित माना जाए। दरअसल, पूजा खेडकर ने यूपीएससी की प्रवेश परीक्षा 12 बार दी थी। इसलिए वह हाईकोर्ट से अपील कर रही हैं कि उनकी दिव्यांग श्रेणी वाली परीक्षा को ही उचित माना जाए।

pooja khedkar

इसके अलावा पूजा ने यह भी दावा किया है कि उनका नाम और सरनेम नहीं बदला गया है। पूजा खेडकर ने दिल्ली हाईकोर्ट से अनुरोध किया है कि सिविल सेवा प्रवेश परीक्षा में उनके 12 प्रयासों में से सात को खारिज कर दिया जाए। उन्होंने शारीरिक विकलांगता का हवाला दिया।

पूजा खेडकर के पास महाराष्ट्र के एक सरकारी अस्पताल के प्रमाण पत्र भी है, जिसमें उन्हें "बाएं घुटने की अस्थिरता के साथ पुरानी एसीएल फटने" का निदान किया गया है। सुश्री खेडकर ने 47 प्रतिशत विकलांगता का दावा किया है, जो सरकार के 40 प्रतिशत बेंचमार्क से अधिक है।

विकलांगता दावे और परीक्षा प्रयास
पूजा खेडकर के हलफनामे में कहा गया है कि सामान्य श्रेणी की छात्रा के रूप में उनके सात प्रयासों को नज़र अंदाज़ किया जाए। अगर इसे स्वीकार कर लिया जाता है, तो इससे उनके पुष्ट प्रयासों की संख्या घटकर पांच रह जाएगी, जो विकलांग व्यक्तियों के लिए सीमा के भीतर है और सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए अनुमत सीमा से एक कम है।

सरकार द्वारा विकलांग व्यक्तियों के लिए 'दिव्यांग' शब्द का इस्तेमाल किया जाता है, हालांकि कई लोग तर्क देते हैं कि यह उन्हें समाज से अलग करता है। बता दें कि पूजा खेडकर का मामला तब सुर्खियों में आया जब उन पर आरोप लगे कि उन्होंने अपनी विकलांगता के बारे में झूठ बोला और परीक्षा पास करने के लिए ओबीसी प्रमाणपत्र में जालसाजी की।

उन्होंने कथित तौर पर परीक्षा के प्रयासों को सीमित करने वाले नियमों को दरकिनार करने के लिए अपना नाम और उपनाम भी बदल लिया। इन उल्लंघनों का खुलासा जून में हुआ जब पता चला कि उन्होंने अपने वेतन ग्रेड से परे भत्ते हासिल किए थे। वहीं, अब इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट पूजा खेडकर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहा है।

उन पर जालसाजी और धोखाधड़ी सहित आपराधिक आरोप हैं। उनकी याचिका को पहले 1 अगस्त को शहर की एक अदालत ने खारिज कर दिया था। इसके बाद वह दिल्ली हाईकोर्ट चली गईं,जिसने उन्हें गुरुवार तक गिरफ्तारी से अस्थायी संरक्षण प्रदान किया है। वहीं, पुलिस ने उसे ज़मानत दिए जाने के खिलाफ़ तर्क दिया है।

पुलिस का कहना है कि इससे उनकी जांच में बाधा आएगी। साथ ही, उन्होंने यह भी चिंता जताई कि जमानत दिए जाने से सिविल सेवा परीक्षा और यूपीएससी की ईमानदारी के बारे में लोगों की धारणा को नुकसान पहुंच सकता है।

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