Dharavi Project:'नहीं बिकेगी धारावी', रिडेवलपमेंट पर राहुल के आरोपों पर BJP, जानें क्या है विवाद और मायने?
What is Dharavi Redevelopment Project: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट सियासत का बड़ा मुद्दा बन गया है। धारावी, जो एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी-बस्ती के रूप में जानी जाती है, को पुनर्विकसित करने की योजना लंबे समय से चर्चा में है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस प्रोजेक्ट को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनका भाजपा ने कड़ा जवाब दिया है। आइए, इस विवाद और धारावी प्रोजेक्ट की पूरी तस्वीर को समझते हैं...

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने क्या आरोप लगाए?
- राहुल गांधी ने धारावी की जमीन को अडानी ग्रुप को बेचने की तैयारी का आरोप लगाया।
- उन्होंने कहा कि धारावी का भविष्य खतरे में है। रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट से धारावी के गरीबों को नुकसान होगा।
- यह जमीन अरबपतियों के फायदे के लिए तैयार की जा रही है।
- राहुल ने कहा कि मोदी सरकार देश के 20-25 अमीरों के लिए काम कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक अरबपति को इस प्रोजेक्ट से ₹1 लाख करोड़ रुपये का लाभ होगा।
भाजपा ने दिया करारा जवाब
- भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि धारावी की जमीन नहीं बेची जा रही है।
- तावड़े ने कहा कि यह जमीन महाराष्ट्र सरकार के पास ही रहेगी। महाविकास अघाड़ी के समय तैयार टेंडर की शर्तों पर यह प्रोजेक्ट जारी हुआ है।
- भाजपा ने वादा किया कि धारावी के हर निवासी को घर दिया जाएगा।
- तावड़े ने कहा कि महायुति सरकार के दौरान प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में बढ़ोतरी हुई, जबकि कांग्रेस शासन के दौरान महाराष्ट्र की रैंकिंग गिर गई थी।
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धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट क्या है? What is Dharavi Redevelopment Project
धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का उद्देश्य धारावी को आधुनिक और विकसित बस्ती में बदलना है। यह योजना झोपड़ियों को स्थायी मकानों और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स से बदलने की है। आइए 4 प्वाइंट में समझते हैं ...
योजना की शुरुआत
- पहली बार 1999 में यह प्रस्ताव पेश हुआ, जब महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन की सरकार थी।
- 2003-04 में इसे औपचारिक रूप से लागू करने की योजना बनी।
प्रोजेक्ट की लागत और समय सीमा
- लागत: 20,000 करोड़ रुपये।
- समाप्ति का समय: 17 साल।
- लक्षित पुनर्वास: 7 साल में धारावी के निवासियों को पक्के मकान दिए जाने का लक्ष्य।
लाभार्थियों के लिए नियम:
- 1 जनवरी 2000 या उससे पहले यहां रहने वाले लोगों को 350 वर्ग फीट का मकान मिलेगा।
- 2000-2011 के बीच आने वालों को 300 वर्ग फीट का मकान मिलेगा, लेकिन इसके लिए उन्हें ₹2.5 लाख देने होंगे।
- 2011 के बाद रहने वालों को कोई मकान नहीं मिलेगा।
जमीन का उपयोग:
- 1 करोड़ वर्ग फीट से अधिक जमीन का इस्तेमाल होगा।
राजनीतिक बवाल क्यों? Dharavi Redevelopment Project Controversy
- कांग्रेस का विरोध:राहुल गांधी और महाविकास अघाड़ी का कहना है कि इस प्रोजेक्ट का लाभ अडानी ग्रुप जैसे बड़े कॉरपोरेट्स को मिलेगा। विपक्ष ने वादा किया है कि अगर वे सत्ता में आए, तो इस प्रोजेक्ट का टेंडर रद्द कर देंगे।
- भाजपा का रुख: भाजपा ने इसे गरीबों की बेहतरी और धारावी के विकास के लिए एक आवश्यक कदम बताया।
- धारावी के मतदाताओं का महत्व: धारावी मुंबई का एक महत्वपूर्ण इलाका है और यहां के मतदाताओं का चुनाव पर सीधा प्रभाव है।
धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट महाराष्ट्र के चुनावी समीकरणों को गहराई से प्रभावित कर सकता है। भाजपा इसे विकास और गरीबों के पुनर्वास की दिशा में एक कदम बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे बड़े कॉरपोरेट्स को फायदा पहुंचाने वाली योजना कह रही है। आगामी चुनाव यह तय करेगा कि धारावी के लोगों को विकास और स्थायित्व का लाभ मिलता है या यह केवल सियासी मुद्दा बनकर रह जाता है।
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