खुला सेफ, निकला अडानी: अडानी और धारावी का नाम लेकर राहुल का PM मोदी पर तीखा हमला
Maharashtra Election 2024: आगामी 20 नवंबर को होने वाले, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बीच कांग्रेस के नेता विपक्ष और सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति गौतम अडानी पर निशाना साधा है। राहुल ने बीजेपी के चुनावी नारे 'एक हैं तो सेफ हैं' पर सवाल उठाया और इसे धारावी पुनर्विकास परियोजना से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए।
राहुल ने सवाल किया कि टेंडर सिर्फ पीएम मोदी के दोस्तों को ही क्यों मिलते हैं? राहुल ने मजाक उड़ाते हुए पीएम मोदी का एक पोस्टर दिखाया, जिसमें वे अडानी के सामने हाथ मिला रहे हैं और कहा कि जब तक वे साथ हैं, तब तक वे सुरक्षित हैं। मुंबई में एक प्रेस वार्ता में गांधी ने एक तिजोरी से दो पोस्टर निकाला।

पहले पोस्टर में पीएम मोदी और अडानी की तस्वीर थी, जिस पर लिखा था 'एक है तो सुरक्षित है', जबकि दूसरे पोस्टर में अडानी समूह की विवादास्पद धारावी पुनर्विकास योजना का नक्शा दिखाया गया था।
'अधिकार छीनने नहीं देंगे'
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस और उसके गठबंधन सहयोगी भाजपा को धारावी के लोगों के अधिकार छीनने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री केवल अपने व्यापारी मित्र को लाभ देना चाहते हैं, जबकि विपक्ष चाहता है कि स्थानीय लोगों के हित में काम किया जाए।
राहुल ने कहा कि फॉक्सकॉन, एयरबस, एप्पल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट जैसी 7 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं गुजरात में स्थानांतरित कर दी गईं, जिससे महाराष्ट्र के युवाओं से 5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर छिन गए। प्रधानमंत्री बेकार के नारों के जरिए धार्मिक विभाजन पैदा करके बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुख्यधारा के मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह धारावी पुनर्विकास का टेंडर अडानी को देने के प्रधानमंत्री मोदी के फैसले के खिलाफ उद्धव ठाकरे के रुख से सहमत हैं।
'MVA सत्ता में आया तो धारावी परियोजना की निविदा रद्द'
गांधी ने शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे के उस वादे का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर विपक्षी महा विकास अघाड़ी गठबंधन सत्ता में आता है, तो वह धारावी परियोजना की निविदा रद्द कर देंगे। मध्य मुंबई में 600 एकड़ की प्रमुख भूमि को कवर करने वाली धारावी पुनर्विकास परियोजना एक गर्म चुनावी मुद्दा रही है। भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार के तहत 2022 में अडानी समूह ने पुनर्विकास की बोली जीती। हालांकि, विपक्षी दलों ने अनुबंध देने में पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई है।












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