'ये अब विकास का 'त्रिशूल' है' अजित पवार के शिंदे नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने पर बोले देवेंद्र फडणवीस
महाराष्ट्र में अजीत पवार के शिंदे सरकार में शामिल होने पर डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ये अब विकास का त्रिशूल है।
महाराष्ट्र में सियासी हलचल के बाद एनसीपी नेता अजीत पवार के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो गए हैं। इस पर महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि राकांपा नेता अजित पवार के उप मुख्यमंत्री के रूप में शामिल होने से सरकार अब विकास का 'त्रिशूल' बन गई है, जो राज्य से गरीबी और पिछड़ेपन को दूर करेगा।
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में 'शासन आपल्या दारी' कार्यक्रम में बोलते हुए डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पिछले एक साल से सीएम एकनाथ शिंदे और मै साथ मिलकर काम कर रहे हैं। लेकिन अजित पवार के सरकार में शामिल होने से अब विकास का 'त्रिशूल' बन गया है, जो राज्य से गरीबी और पिछड़ापन दूर करेगा।

आगे उन्होंने कहा कि ये 'त्रिशूल' भगवान शिव की तीसरी आंख की तरह है जो आम आदमी के खिलाफ काम करने वालों को भस्म कर देगा।
बता दें कि अजित पवार ने पिछले हफ्ते उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, जबकि उनकी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के आठ विधायकों को शिंदे के नेतृत्व वाली शिव सेना-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार में मंत्री के रूप में शामिल किया गया था।
'शासन आपल्या दारी' (सरकार आपके द्वार) पहल के बारे में बात करते हुए डिप्टी सीएम देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि इसे सरकारी योजनाओं को आम लोगों के दरवाजे तक ले जाने की दृष्टि से शुरू किया गया । गढ़चिरौली के दूरदराज के इलाकों के लगभग 6.70 लाख लाभार्थियों को ट्रैक्टर, साइकिल, गोदाम, जाति प्रमाण पत्र और अन्य चीजों के रूप में विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है।
सरकार के किए गए विभिन्न विकास कार्यों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि गढ़चिरौली में इस्पात उद्योग में लगभग 20,000 करोड़ रुपये का निवेश लाया जा रहा है। राज्य सरकार गढ़चिरौली को स्टील सिटी बनाने पर काम कर रही है, जिससे स्थानीय निवासियों को रोजगार के बड़े अवसर मिलेंगे।
इसके साथ ही डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार गढ़चिरौली की संस्कृति, परंपरा और वन संसाधनों से छेड़छाड़ किए बिना उसे बदल रही है। सबको साथ लेकर और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए, हम गढ़चिरौली को इस तरह विकसित करने जा रहे हैं जिससे कहीं भी पिछड़ापन और बेरोजगारी नहीं होगी। जिले के हर युवा को, चाहे वो आदिवासी हो या ओबीसी, रोजगार मिलेगा।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार ने गढ़चिरौली में एक हवाई अड्डे के लिए 146 एकड़ जमीन की पहचान की है और इसके लिए एक प्रस्ताव मंजूरी के लिए भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण को भेजा गया है। गढ़चिरौली में रेलवे लाइन बिछाने का काम भी चल रहा है। इसे एक आकांक्षी जिले से एक प्रगतिशील जिले में तब्दील किया जाएगा।












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