महाराष्ट्र सरकार का ऐलान- विदेशी नागरिकों के लिए खुलेगा डिटेंशन सेंटर, जानें उद्देश्य
महाराष्ट्र में अवैध तरीके से रह रहे विदेशी नागरिकों को अब शिंदे सरकार बिलकुल भी बक्शा नहीं जाएगा। महाराष्ट्र सरकार इन अवैध विदेशी नगरिकों को लेकर अलर्ट मूड में आ चुकी है।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में विदेशी नागरिकों के लिए स्थायी डिटेंशन सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया। ये सेंटर नवी मुंबई के बालेगांव में बनाया जाएगा।

अधिकारियों के द्वारा दी गई सूचना के अनुसार एक अस्थायी डिटेंशन सेंटर मुंबई के भोईवाड़ा केंद्रीय जेल में बनाया जाएगा। जहां पर अवैध रूप से मुंबई और महाराष्ट्र में रह रहे विदेशी नागरिकों को रखा जाएगा।
डिटेंशन सेंटर में कितने विदेशी नागरिक का रखा जा सकेगा?
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के मंत्रीमंडल ने शुक्रवार को निर्धारित समय खत्म होने के बाद भी रह रहे विदेशी नागरिकों के लिए नवी मुंबई इलाके में एक स्थायी डिटेंशन सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नवी मुंबई में जो स्थायी सेंटर बनाया जा रहा है उनमें 213 कैदियों को रखा जाएगा वहीं भोड़ेवाड़ा के आस्थायी सेंटर में ऐसे 80 व्यक्तियों को रखने की व्यवस्था की जा रही है।
जानें क्यों डिटेंशन सेंटर बनाना था जरूरी
सरकारी अधिकारियों ने ये भी बताया कि आखिर सरकार ने ऐसे सेंटर बनाने का क्यों निर्णय लिया है? दरअसल, लंबे समय से राज्य में ऐसे सेंटर स्थापित करेन की आवश्यकता महसूस की जा रही है क्योंकि कई ऐसे मामले सामने आए जिसमें वीजा अवधि से अधिक समय तक भारत में रहने के कारण जेल की सजा काटने के बाद रिहा हुए विदेशी नागरिक विभिन्न कारणों से तुरंत अपने देश वापस नहीं जा पाते हैं।












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