मुंबई में 90 साल पुराने जैन मंदिर पर चला BMC का बुलडोजर, जैन समाज का भड़का गुस्सा
Mumbai Jain temple demolition: मुंबई के विले पार्ले में 90 साल पुराने जैन मंदिर को बीएमसी द्वारा गिरा दिया गया है। जिसके बाद जैन समुदाय भड़का उठा है। समुदाय के लोगों ने बीएमसी द्वारा की गई कार्रवाई को असंवेदनशील और एकतरफा बताया है।
हालांकि बीएमसी ने मुंबई के इस मंदिर को तोड़ने की कार्रवाई करते हुए कोर्ट के आदेश का हवाला दिया है लेकिन वर्षों पुराने इस मंदिर से जैन समाज के लोगों की अटूट आस्था जुड़ी हुई है इसलिए लोग भड़क उठे हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से विध्वंस की कार्रवाई के लिए जिम्मेदार वार्ड अधिकारी नवनाथ घाडगे को तुरंत निलंबित करने की मांग कर डाली है।

विरोध में जैन समाज और वीएची निकालेगा मौन मार्च
बीएमसी की इस कार्रवाई के बाद जैन समुदाय ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) और अन्य समुदाय के नेताओं साथ मिलकर विले पार्ले से अंधेरी ईस्ट तक, पूर्व BMC कार्यालय के पास एक मौन विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है।
मंदिर की कर्मचारियों ने बीएमसी पर लगाया ये आरोप
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मंंदिर को ढहाने के लिए जब बीएमसी की टीम पहुंची तो जैन मंदिर के कर्मचारियों ने मंदिर परिसर से पवित्र ग्रंथों और वस्तुओं को हटाने के लिए समय देने के अनुरोध किया लेकिन उन्होंने कथित तौर पर बीएमसी ने अवहेलना की और धार्मिक पुस्तकों और मंदिर की वस्तुओं को सड़क पर फेंक दिया गया।
हाईकोर्ट ने मंदिर विध्वंस पर लगाई अस्थाई राेक
इसके बाद न केवल जैन समुदाय के सदस्यों को उत्तेजित किया है, बल्कि बीएमसी की कार्रवाई की संवेदनशीलता पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि उच्च न्यायालय ने दोपहर में इस मंदिर विध्वंस पर अस्थायी रोक लगा दी है लेकिन बीएमसी ने पहले ही मंदिर की संरचना को काफी नुकसान पहुंचाया है।
जैन समाज ने सीएम से की ये मांग
वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से तत्काल अपील की गई है, जिसमें वार्ड अधिकारी नवनाथ घाडगे को तत्काल निलंबित करने का अनुरोध किया गया है, जिनकी निगरानी में ये विध्वंस की कार्यवाही की गई है। जैन समुदाय मंदिर को उसके मूल स्थान पर फिर से बनाने की वकालत कर रहे हैं, अपने पूजा स्थल और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की मांग कर रहे हैं।












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