शिंदे को सीएम नहीं, तो दें गृह मंत्रालय! महाराष्ट्र सरकार के गठन को लेकर शिवसेना ने अब खुलकर कर रख दी मांग
Maharashtra Government and Eknath Shinde: महाराष्ट्र चुनाव में बंपर जीत मिलने के एक हफ्ते बाद एनडीए वाले महायुति गठबंधन की सरकार के गठन को लेकर पेंच फंसा हुआ है। अभी तक माना मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा और भाजपा में खींचदान चल रही थी लेकिन अब महायुति के सरकार के गठन के बीच अब एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने बड़ी डिमांड रख दी है जिस कारण नई सरकार के गठन की बात अधर में लटक गई है।
बता दें शुक्रवार को महायुति के नेताओं की बैठक होनी थी लेकिन अचानक एकनाथ शिंदे सतारा अपने पैतृक निवास चले गए। हालांकि उनके सतारा जाने का कारण उनकी खराब तबीयत बताई गई लेकिन असल वजह अब सामने खुलकर सामने आ गई।

दरअसल, एकनाथ शिंदे जिन्हे शिवसैनिक हर हाल में मुख्ममंत्री के रूप में देखना चाहते थे लेकिन अब जब शिंदे भाजपा का मुख्यमंत्री बनाने को हामी भर चुके हैं तो शिवसेना ने भाजपा के सामने बड़ी मांग सामने रख दी है।
सीएम पद नहीं तो दें गृह मंत्रालय
शिवसेना के नेता संजय शिरसाट ने कहा "महाराष्ट्र चुनाव में महायुति को सीएम एकनाथ शिंदे के चेहरे पर फायदा हुआ है ऐसे में सही तो ये होता कि एकनाथ शिंदे ही मुख्यमंत्री पद संभाले, लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो गृह मंत्रालय शिवसेना को दिया जाए क्योंकि गृह विभाग आमतौर पर उपमुख्यमंत्री के पास होता है तो यह सही नहीं होगा कि मुख्यमंत्री गृह मंत्रालय का नेतृव करें।
एकनाथ शिंदे के चेहरे पर मिली है महायुति को जीत
संजय शिरसाट ने कहा एकनाथ शिंदे को चुनाव में महायुति का चेहरा बनाने में निश्चित तौर पर लाभ हुआ है। चुनाव से पहले भाजपा या एनसीपी मराठा आरक्षण की डिमांड कर रहे आंदोलनकारियों को शांत करने के लिए आगे नहीं आए थे। ये तो एकनाथ शिंदे थे जिन्होंने इसकी जिम्मेदारी अपने कंधो पर ली थी और मराठा आरक्षण देने का वादा दिया। जिसकी वजह से महाराष्ट्र में उनका समर्थन कई गुना बढ़ गया। उन्होंने कहा एकनाथ शिंदे ही महायुति के ऐसा नेता थे जिन्होंने महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में चुनाव के समय सर्वाधिक रैलियां की।"
गृह मंत्रालय समेत तीन अन्य अहम विभाग की डिमांड
बता दें सूत्रों के हवाले से पहले आई खबर में भी ऐसे ही संकेत दिए गए थे कि एकनाथ शिंदे भाजपा को मुख्यमंत्री पद इसी शर्त पर देने को तैयार हुए है कि शिवसेना को गृह मंत्रालय समेत तीन अन्य अहम विभाग सौंपे जाए जिसमें शहरी विकास मंत्रालय भी शामिल है। शिंदे की ओर से ये भी तर्क दिया गया है चूंकि पिछली महायुति सरकार में देवेंद्र फडणवीस डिप्टी सीएम थे और गृह मंत्रालय उन्हीं के पास था इसलिए इस बार गृह मंत्रालय नई सरकार में शिवसेना के संभावित उपमुख्यमंत्री को दिया जाए।
शिवसेना विधायकों ने शिंदे से की है ये गुजारिश
गौरतलब है कि संजय शिरशाट ने शुरूआत में कहा था कि एकनाथ शिंदे उपुख्यमंत्री का पद स्वीकार नहीं करेंगे लेकिन शुक्रवार को उदय सावंत ने कहा कि शिवसेना विधायकों ने शिंदे से अनुरोध किया है कि वो उपमुख्यमंत्री पद स्वीकार कर ले क्योंकि शिंदे की सरकार में मौजूदगी अहम है क्योंकि लाडली बहन योजना जैसी योजना उन्हीं ने शुरू की थी।
शिंदे कर सकते हैं बड़ा ऐलान
वहीं इस सबके बीच शिवसेना नेता ने ये भी दावा किया है कि एकनाथ शिंदे शनिवार शाम तक बड़ा ऐलान कर सकते हैं। याद रहे कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले शिंदे सतारा में अपने पैतृक गांव जाते हैं और शुक्रवार को महायुति की बैठक होनी थी लेकिन अचानक से शिंदे सतारा चले गए थे।












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