सिर पर सेहरा बांधे ढोल-नगाड़ों के साथ दुल्हन ढूंढने कलेक्ट्रेट ऑफिस पहुंचे 50 लड़के, जानिए क्यों?
लिंगानुपात में सुधार करने के लिए महाराष्ट्र के सोलापुर में 50 अविवाहित लड़कों ने सेहरा बांधकर जुलूस निकाला। इन लड़कों ने कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन भी सौंपा।

Bachlelor March: महाराष्ट्र के सोलापुर में बेहद अजीबोगरीब मामला देखा गया। यहां 50 अविवाहित लड़कों ने सेहरा बंधाकर एक अनोखा जुलूस निकाला। मार्च करने वाले इन लड़कों के साथ बैंड बाजा भी नजर आ रहा था। इन सभी कुंवारे लड़कों ने कलेक्टर कार्यालय की तरफ मार्च किया और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा।

चर्चा में कुंवारे लड़कों का मार्च
बताते चलें कि घोड़ों पर सवार इन सभी अविवाहित लड़कों ने जो मार्च निकाला, उसका उद्देश्य लिंगानुपात में सुधार था। इसके लिए प्री कंसेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्नीक्स (PCPNDT) एक्ट को लागू करने की मांग की गई।
आखिर क्या था इस अनोखे मार्च का उद्देश्य?
दरअसल, ज्योति क्रांति परिषद नाम के एक स्थानीय समूह ने इस जुलूस का आयोजन किया था। इस दौरान 50 अविवाहित युवकों ने ढोल नगाड़ों के साथ घोड़े पर सवार होकर अपनी कुछ मांगों को लेकर ये जुलूस निकाला। बाद में पीसीपीएनडीटी एक्टर को सख्ती से लागू करने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन भी सौंपा गया।

क्यों रखा गया दुल्हन दूल्हा मोर्चा नाम?
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण साल 2019-21 के अनुसार, महाराष्ट्र का लिंगानुपात प्रति 1000 पुरुषों पर 920 महिलाओं का था। कुंवारे युवकों द्वारा निकाले मार्च को लेकर ज्योति क्रांति परिषद के अध्यक्ष रमेश बारस्कर ने कहा कि महाराष्ट्र में लिंग अनुपात असंतुलन को उजागर करने के लिए इस जुलूस का नाम दुल्हन दूल्हा मोर्चा रखा गया।

लड़कों को नहीं मिल पा रही दुल्हन
उनका कहना है कि योग्य अविवाहितों को भी दुल्हन नहीं मिल पा रही है, जिसका कारण विषम पुरुष-महिला अनुपात है। इसके लिए उन्होंने सरकार को कुछ सख्ती से कदम उठाने का आग्रह भी किया।












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