Ram Mandir: प्राण प्रतिष्ठा की गूंज रामटेक मंदिर तक! यहां सियाराम ने वनवास के दौरान गुजारा था वक्त
अयोध्या में राम मंदिर को लेकर 500 सालों का इंतजार खत्म हुआ। 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन किया जा रहा है। जिसको लेकर पूरे देश में हर्षोल्लास का माहौल है। लोग जहां भी हैं, जिस शहर में भी है, उसी शहर को अयोध्या बनाने की तैयारी कर रहे हैं।
कुछ ऐसा ही नजारा महाराष्ट्र के नागपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर रामटेक में भी हमें देखने को मिल रहा है। जहां अयोध्या में हो रहे भव्य और दिव्य राम मंदिर निर्माण को लेकर काफी उत्साहित है। नागपुर जिले से करीब 40 किलोमीटर दूर रामटेक पहाड़ी पर बना 'रामटेक मंदिर' प्रभु राम का अद्भुत मंदिर है। आइए जानते हैं अनकही कहानी...

यह सीताराम का ये वही धाम है, जहां अगस्त्य मुनि ने प्रभु राम को ब्रह्मास्त्र का ज्ञान दिया था। ये वही धाम है, जहां मंदिर के ऊपर जब आसमान में बिजली कड़कती है, तो साक्षात प्रभु राम के दर्शन होते हैं। यहां वानर के रूप में आज भी हनुमान जी के दर्शन होते हैं। इस धाम के रज-रज और कण-कण में श्री राम की लीला बस्ती है। यहां सदैव सियाराम नाम की जयकार गूंजती रहती हैं।
रामटेक पहाड़ी पर बने इस धाम में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम राजसी स्वरूप में पूजे जाते हैं। चांदी का आसान और चांदी के दरबार में कृष्ण स्वरूप में प्रभु राम दिखाई देते हैं। हिंदू शास्त्र के दो महान धर्मग्रंथों पद्मपुराण और वाल्मीकि रामायण के अनुसार, त्रेता युग में वनवास के दौरान इसी स्थान पर वर्षा ऋतु की बरखा से बचने के लिए प्रभु श्रीराम ने माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ चार महीने का समय बिताया था। इसी स्थान पर माता सीता ने पहली रसोई बनाई थी।
रामटेक मंदिर को क्यों बुलाते हैं गढ़ मंदिर भी?
छोटी सी पहाड़ी पर बने इस मंदिर की संरचना एक किले जैसी है। जिस कारण इसे गढ़ मंदिर भी कहते है। हैरानी की बात तो ये है कि इस मंदिर को सिर्फ पत्थरों से बनाया गया है। मंदिर में एक तालाब भी है। इस सरोवर का जलस्तर सदैव स्थिर रहता है। ना कभी ऊपर बढ़ता है और ना कभी घटता है। इस पवित्र स्थान को पितृ तीर्थ के नाम से भी जाना जाता है। यहां लोग पिंडदान करने भी आते है। मान्यता तो ये भी है कि त्रेतायुग में प्रभु श्रीराम के पिता राजा दशरथ का पिंडदान भी यहीं किया गया था।
रामटेक में भी रामभक्तों का तांता
अयोध्या में बन रहे भव्य राममंदिर के बाद रामटेक में भी रामभक्तों का तांता लगना शुरू हो गया है और पहले की संख्या में अब यहां श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ी है। ये मंदिर टूरिस्ट स्पॉट भी है।












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