महाराष्ट्र चुनाव से पहले महायुति गठबंधन में पड़ने लगी दरार, शिंदे से नाराज होकर अजित ने उठाया ये कदम
Maharashtra Election News: महाराष्ट्र विधान सभा चुनाव की तारीखों की घोषणा चुनाव आयाेग अब जल्द ही कर सकता है। चुनावों की तारीखों की घोषणा से पहले महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में बड़ी दरार पड़ती नजर आ रही है। गठबंधन में संभावित दरार के संकेत शिंदे सरकार की कैबिनेट बैठक में देखने का मिला।
दरअसल, एनसीपी प्रमुख और राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार गुरुवार को कैबिनेट बैठक में हिस्सा लेने तो आए लेकिन 10 मिनट बाद ही नाराज होकर चले गए। जबकि इस कैबिनेट बैठक में 88 अहम फैसले लिए जा रहे थे।

इतना ही नहीं अजित पवार के जानें के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कैबिनेट की पूरी बैठक की और 88 अहम फैसले लिए। इस घटना के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर दरार पड़ने की चर्चा शुरू हो गई है।
एकनाथ शिंदे के साथ हुई बहस तो पवार ने उठाया ये कदम
कैबिनेट की बैठक में सीएम एकनाथ शिंदे के प्रस्तावों को अस्वीकार करने के कारण विवाद की शुरुआत हुई। योजनाओं को लेकर इनकार के कारण अजित पवार और शिंदे के बीच तनावपूर्ण बहस हुई। बैठक में मौजूद लोगाें के अनुसार दोनों के बीच गर्माहट ऐसी बढ़ गई और पवार बैठक छोड़ कर चले गए।
जानें क्यों नाराज हुए अजित पवार
अजित पवार जो महाराष्ट्र सरकार में वित्त मंत्री हैं उन्होंने पिछली कुछ बैठकों में वित्त विभाग की आपत्ति के बावजूद विभिन्न संगठनों को को जमीन समय पर आवंटित नहीं किए जानें से अजित पवार नाराज चल रहे हैं। अजित पवार का कहना है कि वित्त मंत्री होने के बाद वो कैबिनेट बैठक में इस बात के लिए जवाबदेह हैं।
महायुति केअंदर खट-पट
एकनाथ शिंदे समेत उनकी पार्टी के नेताओं की अजित पवार और एनसीपी नेताओं से खट-पट चल रही है। वहीं अजित पवार भी चुनाव प्रचार में महायुति सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं का क्रेडिट खुद और अपनी पार्टी को दे रहे हैं। जिससे महायुति में लंबे समय से आंतरिक कलह चल रही है।
अजित पवार के खिलाफ उठी आवाज
बता दें लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र में मिली हार के लिए भाजपा लगातार अजित पवार को इसके लिए जिम्मेदार बता रही है। इतना ही नहीं डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने खुलकर कहा था कि अजित पवार और उनकी पार्टी के साथ गठबंधन करने का फैसला था क्योंकि इसे जनता ने स्वीकार नहीं किया। वहीं 10 अक्टूबर को अजित पवार के कैबिनेट छोड़ कर जाने पर अटकलें लगाई जा रही है कि अजित पवार महायुति से अलग स्वतंत्र रूप से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं।
"महायुति में अजित पवार को किनारे करने की चल रही कोशिश"
वहीं अजित पवार और शिंदे के बीच हुई तनातनी होते ही विपक्षी महाविकास अघाड़ी में शामिल शरद पवार की एनसपी, उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी और कांग्रेस को महायुति पर प्रहार करने का मौका मिल गया हैं।
विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने इस घटना पर रिएक्शन देते हुए कहा महायुति के नेता अजित पवार को किनारे करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ये भी कि भाजपा नेता अजित दादा को महायुति गठबंधन से किनारे करने की कोशिश कर रहे हैं। अजित पवार के मीटिंग छोड़कर जाने पर वडेट्टीवार ने कहा ये राज्य के हित में तर्क नहीं है बल्कि स्वार्थ के तर्क है। इसके साथ ही उन्होंने कहा शिंदे कैबिनेट ने 80 फैसले ऐसे समय में लिए हैं जब राज्य सरकार के खजाने में पैसे ही नहीं हैं, इसकी किसे परवाह है।












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