'दादा हमारे बीच नहीं हैं', अजित पवार के निधन पर उमड़ी भीड़ देख फूट कर रोए दोनों बेटे, जानें क्या बोले?
Ajit Pawar death: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बारामती में प्लेन क्रैश हादसे में असामयिक निधन से महाराष्ट्र में गहरा शोक पसरा है। अजित दादा को याद कर महाराष्ट्र के राजनेता से लेकर पार्टी के कार्यकर्ता आहर हैं। अजित पवार की हादसे में दर्दनाक मौत के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में हैं।
28 जनवरी को मौत की खबर मिलते ही अजित पवार की पत्नी और दोनों बेटों के अलावा शरद पवार, सुप्रिया सुले तुरंत अस्पताल पहुंचे। पत्नी सुनेत्रा सुले और बेटों की भावुक कर देने वाली तस्वीरें सामने आईं।

इसके बाद बारामती के विद्या प्रतिष्ठान कॉलेज में अजित पवार के अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। दिवंगत पिता अजित पवार के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी लोगों की भीड़ को देख कर दोनों बेटे पार्थ और जय पवार भावुक हो गए।

अजित पवार के बेटों ने नम आंखों से बोली ये बात
इस चुनौतीभरे पल में, उनके बेटों ने पहली बार अपने पिता की मौत पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। भारी भीड़ और धक्का-मुक्की के बावजूद, दोनों भाइयों ने हिम्मत दिखाते हुए माइक संभाला। आंखों में आंसू लिए जय पवार ने कार्यकर्ताओं से शांत रहने की अपील की और कहा, "शांत रहें, दादा हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके संघर्ष की तरह हमें भी लड़ना होगा।"
भाइयों ने की भावुक अपील
पार्थ पवार ने अजित दादा से प्रेम करने वाले कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया और उनसे हिम्मत न हारने का आग्रह किया। उन्होंने सभी से अगले दिन सुबह 10 बजे अंतिम विदाई में शामिल होने का अनुरोध किया। दोनों भाइयों की इस भावुक अपील के बाद कार्यकर्ताओं का आक्रोश शांत हुआ और माहौल स्थिर हो सका।
अजित पवार का जब प्लेन क्रैश हुआ तो उनकी पत्नी और बच्चे कहां थे?
एनसीपी कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, सांसद सुप्रिया सुले, और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का परिवार-उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार व बेटे पार्थ पवार सहित-उस वक्त दिल्ली में था। खबर मिलते ही वे दिल्ली से बारामती के लिए रवाना हुए। बताया गया है कि परिवार इस दुखद घटना से गहरे सदमे और पीड़ा में है।












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