Malegaon 2008 Blast Case: सांसद प्रज्ञा सिंह और समीर कुलकर्णी ने आरोपमुक्त किए जाने वाली याचिका वापस ली
2008 में मालेगांव में हुए विस्फोट मामले में आरोपमुक्त किए जाने वाली याचिका को भाजपा सांसद प्रज्ञा सिह ठाकुर सहित अन्य ने वापस ले ली है। याचिकाओं को वापस लेते हुए कहा गया कि विस्फोट मामले में सुनवाई अंतिम चरण में है।
2008 मालेगांव ब्लास्ट केस में भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर और समीर कुलकर्णी ने बॉम्बे हाईकोर्ट से अपनी आरोपमुक्त किए जाने संबंधी अर्जी वापस ले ली है। इसके अलावा लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित ने अपनी विभिन्न याचिकाओं को वापस ले लिया है। अपनी याचिकाओं में उन्होंने उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए गैरकानूनी गतिविधियां निरोधक कानून (UAPA) को दोषपूर्ण बताया था।

प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने यह कहकर याचिका ली वापस
प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अपनी याचिकाओं को वापस लेते हुए कहा कि विस्फोट मामले में सुनवाई अंतिम चरण में है। साथ ही 289 गवाहों के बयान पहले लिए जा चुके हैं। आपको बता दें कि आरोपमुक्त किए जाने संबंधि याचिकाओं पर बीते सप्ताह सुनवाई हुई थी। जिसके बाद कोर्ट ने फैसले को सुरक्षित रख लिया था। वहीं, इससे पहले विशेष अदालत की तरफ से 2017 में इन आरोपियों की याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था। जिसके बाद इन सभी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
प्रज्ञा सिंह ठाकुर की तरफ से उपस्थित हुए वकील ने कही ये बात
मामले में प्रज्ञा सिंह ठाकुर की तरफ से उपस्थित हुए वकील प्रशांत मग्गू ने कहा कि निचली अदालत में 289 गवाहों के बयान लिए जा चुके हैं। ऐसे में सुनवाई अंतिम चरण में और आरोपमुक्त किए को लेकर जोर देना सही नहीं होगा। इसलिए मुवक्किल को याचिका को वापस लेने की अनुमति दी जाए। जिसके बाद अदालत ने याचिका को वापस लेने का आदेश दे दिया।
आपको बता दें कि 29 सितंबर, 2008 को मुंबई से करीब 200 किलोमीटर दूर मालेगांव शहर में एक मस्जिद के पास मोटरसाइकिल से बंधा एक विस्फोटक फट जाने से छह लोगों की मौत हो गई थी। इस विस्फोट में 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे। मालेगांव उत्तर महाराष्ट्र के नासिक जिले का एक सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील शहर है। धमाके के बाद 30 सितंबर 2008 को मालेगांव के आजाद नगर पुलिस थाने में मामले दर्ज किए गए।
ये भी पढ़ें- Mumbai Airport Terminal-2: मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 पर 40 मिनट ठप रहा सर्वर, सामान्य सेवा बहाल












Click it and Unblock the Notifications