नाबालिग चाचा ने भतीजे को उतार दिया मौत के घाट, घर में रहकर करता था फिरौती के लिए फोन
महाराजगंज। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज सदर कोतवाली क्षेत्र के बांसपार बेजौली टोला भुलानपुर से अपह्रत लापता बच्चे की हत्या हो गई है। मां-बाप के इकलौते बेटे पीयूष को उसके घर के ही नाबालिग आरोपित ने अपहरण करने वाले दिन ही मौत के घाट उतार दिया था। केवल परिवार के लोगों को गुमराह करने के लिए आरोपित चिट्ठी लिखता रहा। बीते बुधवार की दोपहर में घर से लापता पीयूष की तलाश के लिए पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन कर रही थी। जिले के एसपी प्रदीप गुप्ता खुद ही इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे थे।

इस मामले में पांच पुलिस की टीम लगी हुई थी। इसके अलावा एसटीएफ भी जांच में जुट गई थी। प्रारंभिक जांच में अपहरण का मामला घर के आसपास ही केंद्रित हो गया। इसी दौरान पांच दिसंबर को पीयूष के घरवालों को फिरौती के लिए फोन आया, जिसमें किडैनपर ने पांच लाख रुपये की मांग की। पुलिस की जांच टीम ने उस नंबर का लोकेशन जानने के लिए हैदराबाद से जांच कराया।
जांच के दौरान टॉवर लोकेशन सीधे आरोपित नाबालिग अपहरणकर्ता के घर की मिली। इससे वह शक के घेरे में आ गया। इसके बाद जिस चिट्ठी से 50 लाख रुपये की मांग की गई थी, उस हैंडराइटिंग की एक्सपर्ट से जांच कराई गई। वह हैंडराइटिंग भी आरोपित की हैंडराइटिंग निकली। इसके बाद शनिवार की शाम को पुलिस टीम ने आरोपित नाबालिग अपहरणकर्ता से पूछताछ की, जिसमें उसने अपहरण करने का जुर्म कबूल कर लिया।
पीयूष के अपहरण के बाद हत्या करने वाला परिवार का ही सदस्य है। वह रिश्ते में पीयूष का चाचा लगता है। कक्षा 9 में पढ़ने वाला नाबालिग आरोपित ने इस तरह अपरहण की साजिश रची की पुलिस की कई टीमों को मामले की जांच के लिए जुटना पड़ा। सबूत एकत्रित होने के बाद पुलिस ने जब पूछताछ शुरू की तो पीयूष के अपहरण के बाद हत्या की बात सामने आ गई। देर रात एसपी मौके पर पहुंचे और पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया।












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