प्रत्येक माह 10 दिन जनपद स्तर पर होगी जनसूचना मामलों की सुनवाई- सूचना आयुक्त

उत्तर प्रदेश के सूचना आयुक्त सुभाष चंद्र सिंह ने शुक्रवार को महराजगंज जिले में सूचना अधिकार अधिनियम के तहत लंबित मामलों की सुनवाई की। अब प्रत्येक माह दस दिन जनपद स्तर पर सुनवाई की जाएगी।

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Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के सूचना आयुक्त सुभाष चंद्र सिंह ने शुक्रवार को महराजगंज जिले में सूचना अधिकार अधिनियम के तहत लंबित मामलों की सुनवाई की। अब प्रत्येक माह दस दिन जनपद स्तर पर जनसूचना मामलों की सुनवाई की जाएगी। उन्होंने 35 मामलों का निस्तारण किया।

जनपद स्तर पर जनसूचना के मामलों को सुनने का निर्णय

जनपद स्तर पर जनसूचना के मामलों को सुनने का निर्णय

सूचना आयुक्त ने कहा कि आरटीआई के संदर्भ में जवाब दाखिल करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के लखनऊ जाने से जिले में प्रशासनिक कार्य प्रभावित होता है। साथ ही अनेक वादी लखनऊ जाने में सक्षम नहीं होते हैं, जिससे वे अपना पक्ष नहीं रख पाते हैं और कई बार सूचना से वंचित रह जाते हैं। इसी को दृष्टिगत रखते हुए प्रत्येक माह 10 दिन जनपद स्तर पर जनसूचना के मामलों को सुनने का निर्णय राज्य सूचना आयोग द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा आम जनता के लिए यह पहल बेहद महत्वपूर्ण है। इससे वे स्थानीय स्तर पर अपने मामलों की पैरवी करते हुए वांछित सूचना को प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रकार की सुनवाई से प्रशासन में भी पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

30 दिन के भीतर सूचना देना सुनिश्चित करें

30 दिन के भीतर सूचना देना सुनिश्चित करें

उन्होंने कहा कि जनसूचना अधिकारी आरटीआई के मामलों में हर हाल में 30 दिन के भीतर सूचना देना सुनिश्चित करें। यदि वे इस समयसीमा का उल्लंघन करते हैं तो दंड के भागी होंगे। उन्होंने कुल 50 मामलों की सुनवाई करते हुए 35 मामलों को निस्तारित किया गया। 03 मामलों में जिनमे न तो जनसूचना अधिकारी उपस्थित थे और न ही सूचना उपलब्ध करायी गयी थी, सूचना आयुक्त ने जुर्माना भी आरोपित किया। सुनवाई के अंत में सूचना आयुक्त ने कहा कि आगे से जनपदस्तरीय सुनवाई में सभी विभागों के जनसूचना अधिकारी स्वयं वांछित सूचना व पत्रावलियों के साथ उपस्थित रहें।

8 जिलों में जनपद स्तर पर सुनवाई

8 जिलों में जनपद स्तर पर सुनवाई

सूचना आयुक्त ने कहा कि राज्य सूचना आयोग द्वारा 10 दिन आरटीआई संबंधी मामलों की सुनवाई जनपदस्तर पर करने का निर्णय लिया गया है, ताकि बिना प्रशासनिक कार्यों को प्रभावित किये वादियों को सूचना उपलब्ध कराई जा सके। इससे पूरी प्रक्रिया जनसूचना अधिकारी और वादी दोनों के लिए सरल व सुलभ बनेगा साथ ही उन्हें आरटीआई के संदर्भ में शिक्षित व प्रशिक्षित भी किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि मेरे द्वारा गोरखपुर व देवीपाटन के 08 जिलों में जनपद स्तर पर सुनवाई की जा रही है। इस क्रम में मंडल में यह तीसरी व जनपद में पहली सुनवाई थी। आगे भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी।

सूचना आयुक्त का स्वागत

सूचना आयुक्त का स्वागत

इससे पूर्व सूचना आयुक्त का स्वागत निरीक्षण भवन लोक निर्माण विभाग पर जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार और पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ द्वारा बुके देकर किया गया।

गार्ड ऑफ ऑनर

गार्ड ऑफ ऑनर

सूचना आयुक्त को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सुनवायी के दौरान अपर जिलाधिकारी डॉ. पंकज कुमार वर्मा, डीडीओ राकेश कुमार पांडेय, सीएमओ डॉ. नीना वर्मा, अतिरिक्त उपजिलाधिकारी सत्यप्रकाश मिश्रा, अपर उपजिलाधिकारी महेंद्र प्रताप, डिप्टी आरएमओ विवेक सिंह सहित संबंधित विभागों के जनसूचना अधिकारी उपस्थित रहे।

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