MP के कौन है डॉ. राम कृष्ण कुसमारिया? जिनकी मोहन'राज' में खुल गई लॉटरी!
Who is Dr. Ram Krishna Kusmaria: मध्य प्रदेश में 2018 के चुनाव में बगावत की बारूदी सुरंग बिछाने वाले पूर्व मंत्री डॉ. राम कृष्ण कुसमारिया के लिए मोहन'राज' में नया सबेरा हुआ हैं। नए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए।
वैसे यह आदेश 6 अक्टूबर को जारी किया गया था। लेकिन चुनाव के कारण मुख्यमंत्री के साइन नहीं हो सकें थे। पिछले चुनाव में बागी भी हो गए थे और सरकार से खटपट भी चलती रही। वापसी के बाद उन्हें पिछड़ा वर्ग आयोग की कमान सौंपने का फैसला लिया गया था।
बुंदेलखंड के खाटी नेता कहलाने वाले डॉ. कुसमारिया ने भोपाल के श्यामला हिल्स मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग पहुंचकर अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण किया। कार्यभार ग्रहण करने के बाद डॉ. कुसमरिया ने कहा कि वे शीघ्र ही जिलों का दौरा कर पिछड़ा वर्ग के कल्याण से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करेंगे।

2008 में थे कृषि मंत्री
किसान परिवार के कुसमरिया ने पांच बार लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। साल 2008 में उन्हें बीजेपी ने पथरिया विधानसभा से चुनाव मैदान में उतारा था और जीतकर कृषि मंत्री बने थे। उनके कार्यकाल के वक्त राज्य में किसानों की खुदकुशी के मामले चर्चा में रहे। जिसकी वजह से उस वक्त शिवराज सरकार की किरकिरी भी हुई। स्थिति यहां तक आ पहुंची थी कि शिवराज को किसानों से माफी तक माँगना पड़ा था।
2013 में हारे तो 2018 में कट गया टिकट फिर..
किसानों के मुद्दे पर पथरिया क्षेत्र में हार का खतरा देख बीजेपी ने 2013 में कुसमारिया की सीट बदल दी थी। उन्हें छतरपुर के राजनगर से टिकट दिया तो कांग्रेस ने चुनाव में उन्हें ओंधे मुंह गिराया। इस हार की वजह से 2018 में उनका टिकट ही कट गया। इससे आगबबूला बाबा ने बगावती तेवर दिखाए और निर्दलीय चुनाव लड़ा। इसका खामियजा बीजेपी-कांग्रेस दोनों को उठाना पड़ा और बसपा की रामबाई चुनाव जीत गई। इसके साल भर बाद कुसमारिया ने कांग्रेस का दामन थाम तो लिया लेकिन वहां उनका ज्यादा वक्त मन नहीं लगा। 2021 में पार्टी में उनकी वापसी हुई।












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