राजा रघुवंशी की हत्या नरबलि के तहत? अब बहन सृष्टि पर दर्ज हुआ FIR, आखिर ऐसा क्या किया कि मुकदमे तक पहुंची बात
Raja Raghuvanshi News: इंदौर के राजा रघुवंशी की रहस्यमयी हत्या के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। असम पुलिस ने राजा की मौसेरी बहन और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सृष्टि रघुवंशी के खिलाफ केस (FIR) दर्ज कर लिया है। वजह बना एक पुराना वायरल वीडियो, जिसमें सृष्टि ने दावा किया था कि राजा की हत्या असम में नरबलि (मानव बलि) के तहत की गई है। इस मामले में एक अंग्रेजी न्यूज चैनल की एंकर को नोटिस भी भेजा गया है।
'कामाख्या में हुई नरबलि...'-सृष्टि का बयान बना मुसीबत
सृष्टि ने सोशल मीडिया पर लगातार राजा के लापता होने और बाद में हत्या की खबर के बाद वीडियो बनाकर अपीलें कीं। लेकिन एक वीडियो में कामाख्या देवी मंदिर का जिक्र करते हुए नरबलि की आशंका जताई गई -जिसने मामले को धार्मिक और संवेदनशील बना दिया।
अब असम पुलिस ने BNS की धारा 196(2), 299 और 302 के तहत राजा की बहन सृष्टि पर केस दर्ज किया है। पुलिस का मानना है कि इस तरह का बयान धार्मिक भावनाएं भड़काने वाला और क्षेत्रीय तनाव फैलाने वाला है।

एफआईआर में कहा गया है कि एंकर और सृष्टि ने बिना किसी प्रमाणिक स्रोत, धार्मिक अथॉरिटी या ऐतिहासिक तथ्य के यह दावा किया।
एफआईआर में यह भी जिक्र किया गया है कि एंकर ने झूठी जानकारी को तथ्यों की तरह पेश किया, जिससे सामाजिक अशांति फैल सकती है और धार्मिक स्थल की गरिमा को नुकसान पहुंच सकता है।
दोनों को 23 और 24 जून 2025 को पूछताछ के लिए समन भेजा गया था, लेकिन दोनों ही हाज़र नहीं हुए। समन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita) की धारा 35(3) के तहत भेजे गए थे। सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और तेज करेगी।
लाइव शो में उठाया नरबलि का मुद्दा, सृष्टि ने की सहमति
पुलिस के मुताबिक, एक प्रमुख अंग्रेजी चैनल की एंकर ने एक लाइव टेलीकास्ट के दौरान सृष्टि रघुवंशी से राजा की "गायब होने" की स्थिति पर बातचीत करते हुए यह दावा किया कि गुवाहाटी के प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर में नरबलि की परंपरा है। इस पर सृष्टि ने लाइव शो के दौरान सहमति जताई, जिससे विवाद और गहरा गया। बयान के बाद देशभर में धार्मिक भावनाएं भड़क उठीं।
कामाख्या मंदिर प्रशासन ने दी सफाई, पुजारी बोले -'मानव बलि जैसी कोई परंपरा नहीं'
कामाख्या मंदिर के पुजारी सरू डोलोई हिमाद्रि ने सख्त शब्दों में कहा, ''हर बार जब मंदिर के आसपास कोई हत्या होती है, लोग मानव बलि का राग अलापने लगते हैं। यह मंदिर की छवि और श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।''
उन्होंने साफ किया कि कामाख्या मंदिर सदियों से वैदिक परंपराओं का पालन करता है और यहां कभी भी मानव बलि जैसी कोई प्रथा नहीं रही है।
बहन सृष्टि ने मांगी माफी, बोली -'भावनाओं में बह गई थी'
मामला गरमाने के बाद सृष्टि ने सोशल मीडिया पर माफी मांगते हुए सफाई दी। सृष्टि ने कहा, "मैं भावुक होकर ऐसा बोल गई थी। मेरा उद्देश्य किसी धर्म या समुदाय को ठेस पहुंचाना नहीं था।" सृष्टि के भाई विपिन रघुवंशी ने भी कहा कि सृष्टि पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुकी है और अगर जरूरत पड़ी तो वे असम जाकर भी स्थिति स्पष्ट करेंगे।
सोशल मीडिया की 'सेंसेशन' बनी सृष्टि, अब हो रही ट्रोल
सृष्टि पेशे से इन्फ्लुएंसर हैं और कई ब्रांड्स के लिए विज्ञापन करती रही हैं। उनके इंस्टाग्राम हैंडल @shrasti_raghuwansh पर 5 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। राजा के लापता होने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर बड़ा कैंपेन चलाया, वीडियो पोस्ट किए, मदद की गुहार लगाई। लेकिन बाद में उनके बयानों को लेकर ट्रोलिंग और विरोध शुरू हो गया। कुछ लोगों ने उन्हें "वायरल होने के लिए विवाद खड़ा करने" का आरोप तक लगाया। हालांकि, कई सोशल मीडिया यूजर्स और इन्फ्लुएंसर्स ने सृष्टि के पक्ष में भी आवाज उठाई।
परिवार का भी दावा, राजा की हत्या नरबलि हो सकती है!
राजा की मां उमा रघुवंशी और भाई विपिन ने 11 जून 2025 को भी पहले नरबलि की आशंका जताई थी। उन्होंने कहा था कि 'सोनम ने मेरे बेटे राजा को तंत्र क्रिया के लिए शिलॉन्ग ले जाकर उसकी बलि दी। हमारे पूरे परिवार पर भी उसने वशीकरण किया था।'
परिवार का मानना है कि राजा की हत्या ग्यारस के दिन हुई और हत्या के पीछे 15 लोग शामिल हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कामाख्या मंदिर में पूजा के बाद राजा के गले पर वार किया गया।
शादी के 12 दिन बाद हनीमून पर गई सोनम ने की राजा रघुवंशी की हत्या
राजा और सोनम दोनों इंदौर के रहने वाले थे और उनकी शादी 11 मई को हुई थी। पुलिस के मुताबिक शादी से पहले ही सोनम का राज नामक युवक से प्रेम संबंध था, जो उनके फैमिली बिजनेस में काम करता था।
राजा और सोनम शादी के बाद हनीमून के लिए मेघालय गए। 23 मई को दोनों नोंगरीयाट गांव से गायब हो गए और 2 जून को राजा का शव 20 किमी दूर एक घाटी में मिला।
9 जून को सोनम गाजीपुर (UP) में मिली और नंदगंज थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। उसी दिन राजा की हत्या में शामिल तीन और लोग - आकाश, विशाल और आनंद को यूपी और एमपी से गिरफ्तार किया गया। बाद में राज को भी पुलिस ने पकड़ लिया।
मेघालय की एक अदालत ने 2 जुलाई को राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में तीन लोगों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। तीनों को हत्या के मामले में सबूत छिपाने के आरोप में मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था। 26 जून को उन्हें छह दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया था।
राजा रघुवंशी हत्याकांड टाइमलाइन
- राजा और सोनम की शादी 11 मई 2025 को इंदौर में हुई थी।
- 21 मई 2025 को वे हनीमून पर गुवाहाटी होते हुए मेघालय पहुंचे।
- 23 मई को नोंगरियाट गांव (मेघालय) से राजा लापता हो गए।
- 2 जून को उनका शव वेइसाडोंग फॉल्स के पास एक घाटी में मिला।
- सोनम 9 जून को गाजीपुर (UP) में मिली थी। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
इस मामले ने जहां राजा की हत्या को लेकर देशभर में आक्रोश फैलाया, वहीं कामाख्या मंदिर जैसे धार्मिक स्थल को लेकर फैलाई गई अफवाहों ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। पुलिस अब इस मामले को न केवल आपराधिक बल्कि सांप्रदायिक और संवेदनशील संदर्भ में देख रही है।












Click it and Unblock the Notifications