मध्य प्रदेश के ASI का खाकी फाड़ते वीडियो वायरल, पार्षद पति ने दी थी वर्दी उतरवाने की धमकी, खुद ही किया ये काम
Viral Video: मध्य प्रदेश के एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) का वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो रहा है। इस वीडियो में ASI अपनी वर्दी फाड़ता नजर आ रहा है।
मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में एक बीजेपी नेता ने ASI को धमकी दी कि उसकी वर्दी उतरवा दी जाएगी। इस धमकी को सुनकर ASI विनोद मिश्रा ने अपना आपा खो दिया और सबके सामने अपनी वर्दी फाड़ दी। यह घटना कोतवाली थाने में टाउन इंस्पेक्टर (TI) के चैंबर में हुई।

वीडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सिंगरौली में नाली के विवाद को लेकर विवाद चल रहा था, जो थाने तक पहुंच गया था। इसी विवाद को लेकर टीआई के चैंबर में चर्चा के दौरान पार्षद के पति अर्जुन गुप्ता ने टीआई और नगर निगम अधिकारियों के सामने ही एएसआई विनोद मिश्रा को धमकाना शुरू कर दिया।
A shocking CCTV footage has emerged from #MadhyaPradesh's #Singrauli district on Monday, where an Assistant Sub-Inspector (ASI) tore-up his uniform after a #BJP leader allegedly threatened him of stripping him off his uniform in front of other officials.
The incident was… pic.twitter.com/iQVlyH40Km
— Hate Detector 🔍 (@HateDetectors) September 16, 2024
आठ महीने पहले का है वीडियो
इस घटना का सीसीटीवी फुटेज हाल ही में सामने आया है और सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। हालांकि यह घटना करीब 7 महीने पहले हुई थी, लेकिन अब लीक फुटेज के जरिए इसका खुलासा हुआ है।
इस घटना को हुए सात महीने से ज़्यादा हो चुके हैं। घटना के बाद एसपी निवेदिता गुप्ता ने एएसआई विनोद मिश्रा के खिलाफ वर्दी फाड़ने के आरोप में अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी। हालांकि, हाल ही में वीडियो लीक होने के बाद इस बात की फिर से जांच और जांच शुरू हो गई है कि यह फुटेज सार्वजनिक कैसे हुआ।
एसपी ने दिए जांच के आदेश
एसपी निवेदिता गुप्ता ने वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के सोशल मीडिया पर लीक होने की जांच के निर्देश दिए हैं। इस निर्देश का उद्देश्य यह समझना है कि इतनी संवेदनशील सामग्री कैसे जारी की गई और विभाग के भीतर प्रोटोकॉल या सुरक्षा में किसी भी तरह के उल्लंघन को दूर करना है।
यह मामला शुरू में जल निकासी के मुद्दों पर स्थानीय विवाद से उत्पन्न हुआ था, लेकिन जल्द ही यह पुलिस अधिकारियों के खिलाफ धमकियों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घटना में बदल गया। इसके परिणाम अभी भी सामने आ रहे हैं, क्योंकि अधिकारी पिछली कार्रवाइयों और वर्तमान लीक दोनों की गहराई से जांच कर रहे हैं।












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