मां की ममता के आगे शिकारी भी पस्त, छत्तीसगढ़ के जंगल में कैसे भालू-बाघ की भिड़ंत ने जीता करोड़ों दिल, जानिए

Viral video News: जंगल की खामोशी को चीरती एक मां की दहाड़ ने न केवल अपने शावक की जान बचाई, बल्कि करोड़ों लोगों के दिलों को भी छू लिया। यह कोई कल्पना नहीं, बल्कि हकीकत है - छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र से सामने आई एक ऐसी वीडियो कहानी, जिसने सोशल मीडिया पर तूफान मचा दिया है।

एक ओर जंगल का सबसे खतरनाक शिकारी - बाघ, तो दूसरी ओर ममता की मूरत - एक मादा भालू। दृश्य ऐसा कि रोंगटे खड़े हो जाएं, लेकिन अंत ऐसा कि आंखें नम हो जाएं। एक मां ने जब अपने नन्हे शावक पर मंडराते मौत के साये को देखा, तो वह खुद शेरनी बन गई और उस बाघ से भिड़ गई, जो उसकी संतान पर झपटने ही वाला था।

Viral video of a female bear s fight with a tiger mother love won hearts Forest Minister Kedar Post

वायरल वीडियो में क्या है खास?

पांगुड़ गांव के पास एक निर्माणाधीन सड़क के किनारे यह मंजर सामने आया। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि जब सड़क निर्माण का काम चल रहा था, तभी पास के जंगल से एक मादा भालू अपने शावक के साथ गुजर रही थी। उसी वक्त झाड़ियों में छिपे एक बाघ ने शावक पर झपटने की कोशिश की। लेकिन भालू की मां ने अपने बच्चे को अपनी पीठ के पीछे छुपा लिया और खुद बाघ के सामने दीवार बनकर खड़ी हो गई।

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बाघ बार-बार डराने और हमला करने की कोशिश करता है, लेकिन मां भालू पीछे हटने के बजाय और उग्र हो जाती है। कुछ सेकंड की यह लड़ाई प्रकृति की सबसे मार्मिक और शक्तिशाली झलक दिखाती है - जहां मातृत्व के आगे शिकारी भी नतमस्तक हो जाता है। आखिरकार बाघ को हार माननी पड़ी और वह झाड़ियों में लौट गया। मां भालू ने अपने शावक को सीने से लगाकर धीरे-धीरे वहां से दूर ले गई।

Viral video tiger: वन मंत्री केदार कश्यप हुए भावुक

छत्तीसगढ़ सरकार के वन, पर्यावरण और स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप भी इस दृश्य से खुद को अछूता नहीं रख सके। उन्होंने 18 मई को अपने एक्स हैंडल पर यह वीडियो साझा करते हुए लिखा: "मां... आखिर मां होती है। अबूझमाड़ के पांगुड़ में बन रही नई सड़क के बीच में मादा भालू अपने बच्चे को टाइगर से बचाने भिड़ गई। मां की ममता के आगे टाइगर को वहां से भागना पड़ा।"

उनके इस पोस्ट के बाद यह वीडियो और भी व्यापक रूप से फैला। हजारों लोगों ने उनकी पोस्ट को साझा किया, और मातृत्व की शक्ति को प्रणाम किया।

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अबूझमाड़: जैव विविधता का खजाना

अबूझमाड़, छत्तीसगढ़ का एक सुदूर और घना जंगल क्षेत्र, अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। यह क्षेत्र बाघ, भालू, तेंदुआ, और अन्य वन्यजीवों का निवास स्थान है। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि अबूझमाड़ में ऐसी घटनाएं असामान्य नहीं हैं, क्योंकि यह क्षेत्र वन्यजीवों के लिए एक महत्वपूर्ण गलियारा है। प्रभात खबर की एक रिपोर्ट के अनुसार, "अबूझमाड़ के जंगलों में बाघ और भालू के बीच टकराव पहले भी देखा गया है, लेकिन इस तरह का वीडियो दुर्लभ है।"

Viral video tiger: मातृत्व बनाम शिकारी, जैव विविधता की मार्मिक झलक

केदार कश्यप ने मीडिया से बातचीत में कहा,"यह सिर्फ एक वीडियो नहीं, बल्कि हमारे जैविक धरोहर की असाधारण तस्वीर है। अबूझमाड़ का जंगल सिर्फ पेड़-पौधों और जानवरों का निवास नहीं, बल्कि भावनाओं और जीवन के असल रूपों का भी गवाह है।"

उन्होंने इस घटना को जैव विविधता संरक्षण के लिए चेतावनी और प्रेरणा दोनों बताया। "हमारे जंगलों में ऐसे असंख्य किस्से छिपे हैं, जिन्हें हम अनदेखा कर देते हैं। यह घटना दिखाती है कि प्रकृति में भी मातृत्व किसी शौर्य से कम नहीं है," उन्होंने जोड़ा।

प्रशासन सतर्क, विशेषज्ञ भी हैरान

वन विभाग ने इस घटना के बाद इलाके में कैमरा ट्रैप और गश्त को बढ़ा दिया है ताकि इंसानी गतिविधियों और वन्यजीवों के बीच संतुलन बना रहे। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि मादा भालू का इस तरह बाघ से भिड़ जाना बेहद दुर्लभ और साहसिक है।

वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. नीलिमा ठाकुर कहती हैं,

"बाघ आम तौर पर भालू से अधिक शक्तिशाली होता है, लेकिन मातृत्व एक ऐसी भावना है जो जानवरों में भी अद्भुत शक्ति जगा देती है। यह वीडियो सिर्फ एक जीव वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है।"

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